- CBI ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के उप महानिदेशक मुदावथ देवुला समेत 2 आरोपियों को रिश्वत मामले में अरेस्ट किया
- आरोप है कि डीजीसीए अधिकारी ने लंबित आवेदनों की मंजूरी के बदले निजी कंपनी से 2.5 लाख रुपए रिश्वत ली थी
- सीबीआई ने गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के चार स्थानों पर तलाशी ली और भारी मात्रा में नकद और कीमती सामान जब्त किया
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के अधिकारी समेत दो को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने ‘एयरवर्थनेस निदेशालय' के उप महानिदेशक मुदावथ देवुला को एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि के साथ गिरफ्तार किया है. गिरफ्तारी 2.5 लाख रुपए रिश्वत लेने के मामले में की गई है और इस दौरान रिश्वत की पूरी राशि भी जब्त कर ली गई है.
क्या है आरोप,कैसे हुई गिरफ्तारी?
सीबीआई ने शनिवार को इस मामले में डीजीसीए के अधिकारी और नई दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी के प्रतिनिधि के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी लोक सेवक पर आरोप है कि उसने डीजीसीए के पास लंबित आवेदनों को मंजूरी देने और आवश्यक अनुमति जारी करने के बदले निजी पक्षों से रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया.
और भी खुलासों की उम्मीद
इसके बाद, सीबीआई ने दिल्ली में चार अलग-अलग स्थानों पर आरोपी अधिकारी और उससे जुड़े निजी व्यक्तियों के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान जांच टीम को भारी मात्रा में अवैध संपत्ति के सबूत मिले, जिनमें 37 लाख रुपए नकद, सोने और चांदी के सिक्के, साथ ही कई डिजिटल उपकरण शामिल हैं. गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुदावथ देवुला, उप महानिदेशक, एयरवर्थनेस निदेशालय, डीजीसीए मुख्यालय, नई दिल्ली और भरत माथुर, जो एक निजी कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हैं, शामिल हैं.दोनों से पूछताछ जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है.सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं, और जांच के दायरे को जरूरत पड़ने पर विस्तारित किया जाएगा.













