जमीन खरीद में किस-किस को दिए पैसे? प्रशासन खंगाल रहा अल-फलाह यूनिवर्सिटी के लेन-देन के दस्तावेज

प्रशासन यूनिवर्सिटी की जमीन खरीद से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल कर रहा है। इसमें यह जांच की जा रही है कि यूनिवर्सिटी की जमीन किनसे और कितनी खरीदी गई है. इन जमीनों को खरीदने के लिए किस-किस व्यक्ति को कितने पैसे दिए गए. इन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है.

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  • फरीदाबाद प्रशासन ने अल-फलह यूनिवर्सिटी की जमीन की पैमाइश और जांच के आदेश दिए हैं, जो धौज गांव में स्थित है.
  • जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि विश्वविद्यालय कितने हिस्से पर इमारतें बनी हैं और कितनी जमीन खाली है.
  • प्रशासन यूनिवर्सिटी की जमीन खरीद से जुड़े सभी दस्तावेजों और लेनदेन की भी गहन पड़ताल कर रहा है.
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नई दिल्ली:

फरीदाबाद जिला प्रशासन ने अल-फलह यूनिवर्सिटी की जमीन की गहन जांच के आदेश दिए हैं. यह यूनिवर्सिटी धौज गांव में करीब 78 एकड़ में बनी हुई है. जांच के तहत, फरीदाबाद जिला प्रशासन के पटवारी यूनिवर्सिटी की जमीन की पैमाइश (माप) कर रहे हैं. इस जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि अल-फलह यूनिवर्सिटी की जमीन के कितने हिस्से पर इमारतें बनी हैं और कितनी जमीन खाली पड़ी है.

इसके अलावा, जिला प्रशासन यूनिवर्सिटी की जमीन खरीद से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल कर रहा है. इसमें यह जांच की जा रही है कि यूनिवर्सिटी की जमीन किनसे और कितनी खरीदी गई है. इन जमीनों को खरीदने के लिए किस-किस व्यक्ति को कितने पैसे दिए गए. इन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है.

दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग इस धमाके में घायल भी हुए थे. धमाके के बाद शुरू हुई जांच में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय (Al Falah University) की बड़ी भूमिका सामने आई. इस विवि परिसर में स्थित हॉस्पिटल में डॉक्टर के रूप में कार्यरत जम्मू-कश्मीर सहित अन्य जगहों के लोगों ने बाबरी का बदला लेने के लिए देश भर में कई धमाके करने का प्लान किया था. 

इसके अलावा, ED और अन्य वित्तीय जांच एजेंसियों को हरियाणा स्थित इस संस्थान के धन के लेन-देन की जांच करने का भी निर्देश दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद ये निर्णय लिए गए हैं, जिसमें 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए विस्फोट की चल रही जांच की प्रगति की डेढ़ घंटे तक समीक्षा की गई. इस विस्फोट में 13 लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हुए थे.

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