दिव्यांकर तिवारी: दिल्ली पुलिस के बाहरी-उत्तरी जिले की अलीपुर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड को महज एक घंटे के भीतर सुलझा लिया. यह घटना हिरनकी इलाके के एक नशामुक्ति केंद्र में हुई, जहां एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई.
घटना की सूचना और मौके का हाल
डीसीपी ने जानकारी दी कि 27 मार्च को अलीपुर थाने को सूचना मिली कि हिरनकी की कश्मीरी कॉलोनी स्थित एक घर में चाकूबाजी हुई है. जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो वहाँ खून बिखरा हुआ था. पता चला कि घायल युवक को बुराड़ी अस्पताल ले जाया गया है, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
मृतक की पहचान
मृतक की पहचान 22 वर्षीय अरुण कुमार के रूप में हुई है, जो बुराड़ी के सत्य विहार का रहने वाला था. अरुण एक गरीब परिवार से था और उसके पिता रिक्शा चलाते हैं. कम उम्र में ही नशे की लत लग जाने के कारण उसके परिवार ने उसे सुधार के लिए ‘किरणदीप फाउंडेशन' नाम के नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था.
आरोपी की गिरफ्तारी और खुलासा
मामले की जांच के लिए डीसीपी (आउटर नॉर्थ) हरेश्वर स्वामी और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम बनाई गई. पुलिस ने मौके से ही आरोपी अरुण जोशी (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ दिन पहले उसका मृतक अरुण कुमार के साथ झगड़ा हुआ था. उस दौरान मृतक ने उसे गाली दी थी. इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया.
आरोपी की प्रोफाइल और बरामदगी
डीसीपी के अनुसार, आरोपी अरुण जोशी ने 2019 में रोहिणी के एक प्रतिष्ठित संस्थान से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. उसके पिता की मेडिकल शॉप है. आरोपी को 2015 से ही गांजा पीने की लत लग गई थी, जिसके चलते उसे 9 महीने पहले इसी नशामुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था.
दिल्ली पुलिस ने आरोपी के पास से खून से सना चाकू बरामद कर लिया है. नशामुक्ति केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस के हाथ लगी है, जिसमें आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट दिखाई दे रही है. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य सबूत भी जुटाए हैं. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि मृतक को न्याय मिल सके. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस घटना में नशामुक्ति केंद्र के प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही हुई है.














