दर्शन सोलंकी खुदकुशी केस में गिरफ्तार छात्र को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा

सरकारी वकील ने बताया कि हमें अभी भी कुछ और चैट और अन्य डेटा प्राप्त करना है, इसलिए आगे की जांच अभियुक्तों को हिरासत में लेकर ही की जा सकती है, इसलिए हिरासत बढ़ाई जाए. लेकिन बचाव पक्ष के वकील दिनेश गुप्ता ने इसका विरोध किया.

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पुलिस ने आगे की जांच के लिए और कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी.

बॉम्बे आईआईटी छात्र दर्शन सोलंकी की खुदकुशी केस में गिरफ्तार छात्र अरमान खत्री को अदालत ने जेल हिरासत में भेज दिया है. जबकि पुलिस ने आगे की जांच के लिए और कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी. इसके पहले सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि हमें इकबाल के फोन और दर्शन सोलंकी के साथ चैट की आंशिक रिपोर्ट मिली है. दर्शन ने अरमान को टेक्स्ट किया था और अरमान के साथ अपने मौखिक विवाद के लिए माफी मांगी थी और उसे बताया था कि वह मुंबई छोड़कर वापस जा रहा है.

सरकारी वकील ने बताया कि हमें अभी भी कुछ और चैट और अन्य डेटा प्राप्त करना है, इसलिए आगे की जांच अभियुक्तों को हिरासत में लेकर ही की जा सकती है, इसलिए हिरासत बढ़ाई जाए. लेकिन बचाव पक्ष के वकील दिनेश गुप्ता ने इसका विरोध किया और कहा कि पुलिस की जांच लगभग पूरी हो चुकी है क्योंकि उन्होंने उसी आधार पर पहला रिमांड मांगी थी. इसलिए इसे तकनीकी आधार पर एक बार और नहीं मांगा जाना चाहिए. 

पीसी की जगह आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए. इस जांच अधिकारी एसीपी जयप्रकाश भोसले ने कोर्ट को बताया कि हम अब भी मामले की एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. ये मामला संवेदनशील है. आत्महत्या के बाद छात्रों के आंदोलन भी हुए थे. इसलिए हमें आगे की जांच के लिए अरमान की पुलिस हिरासत बढ़ाकर दी जाए. लेकिन जज ने मना कर दिया और अरमान खत्री को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. 

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