इंदौर में पर्चा वापस लेने वाले कांग्रेस उम्मीदवार को अग्रिम जमानत देने से अदालत का इनकार

इंदौर के एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने बम और उनके पिता के खिलाफ जमीन विवाद में 17 साल पहले एक व्यक्ति पर हमले के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 जोड़े जाने का 24 अप्रैल को आदेश दिया था.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कोर्ट ने अग्रिम जमानत के लिए बम और उनके पिता कांतिलाल की ओर से दायर अर्जी खारिज कर दी. (फाइल)
इंदौर (मध्यप्रदेश):

इंदौर (Indore) की एक सत्र अदालत ने हत्या के प्रयास के 17 साल पुराने मामले में स्थानीय कारोबारी अक्षय कांति बम और उनके पिता को अग्रिम जमानत देने से शुक्रवार को इनकार कर दिया और कहा कि इस प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की आशंका नहीं है. बम, इंदौर लोकसभा सीट के कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में ऐन मौके पर अपना पर्चा वापस लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने के कारण चर्चा में हैं.

अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर करने के बाद अग्रिम जमानत के लिए बम और उनके पिता कांतिलाल की ओर से दायर अर्जी खारिज कर दी. अदालत ने कहा, ‘‘इस प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी की आशंका नहीं है, अत: दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 438 के प्रावधान लागू नहीं होते हैं.''

अपर सत्र न्यायाधीश ने यह भी कहा कि मामले के मौजूदा हालात में आरोपियों को अदालत के सामने हाजिर होकर अग्रिम कार्यवाही में भाग लेना चाहिए और यदि उन्हें आवश्यक प्रतीत होता है, तो वे भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के मामले में नियमित जमानत का आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं.

हत्‍या के प्रयास की धारा जोड़ने का दिया था आदेश 

इंदौर के एक प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) ने पीड़ित पक्ष की अर्जी पर बम और उनके पिता के खिलाफ जमीन विवाद में 17 साल पहले एक व्यक्ति पर हमले के आरोप में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) जोड़े जाने का 24 अप्रैल को आदेश दिया था. मजिस्ट्रेट ने पिता-पुत्र को सत्र न्यायालय के सामने 10 मई को पेश होने का आदेश भी दिया था.

Advertisement

इस आदेश के महज पांच दिन बाद बम ने इंदौर के कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपना नाम वापस लेने का कदम उठाया.

जिस अर्जी पर बम की कानूनी मुश्किलें बढ़ी हैं, वह इंदौर से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में उनकी उम्मीदवारी घोषित होने के महज 13 दिन बाद पांच अप्रैल को दायर की गई थी. बम को 23 मार्च की देर रात घोषित सूची में कांग्रेस उम्मीदवार बनाया गया था.

Advertisement

जमीन विवाद में हमले के आरोप में दर्ज की गई थी प्राथमिकी 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बम, उनके पिता कांतिलाल और अन्य लोगों के खिलाफ यूनुस पटेल नाम के व्यक्ति पर चार अक्टूबर 2007 को जमीन विवाद में हमले के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (गाली-गलौज), 323 (मारपीट),506 (धमकाना) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत दर्ज की गई थी.

पटेल का आरोप है कि घटना के दौरान एक सुरक्षा एजेंसी के संचालक सतवीर सिंह ने अक्षय के पिता कांतिलाल के कहने पर उन पर 12 बोर की बंदूक से गोली भी दागी थी.

गोलीबारी के आरोपी सतवीर सिंह की बाद में मौत हो गई थी.

ये भी पढ़ें :

* इंदौर में किसी को समर्थन नहीं करेगी कांग्रेस, जनता को बताएंगे सच : MP अध्यक्ष जीतू पटवारी
* इंदौर में कांग्रेस को एक और झटका, एमपी हाईकोर्ट ने खारिज की 'डमी' उम्मीदवार की याचिका
* इंदौर :पर्चा वापस लेने वाले कांग्रेस उम्मीदवार पर दर्ज प्राथमिकी में हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा

Advertisement
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
CM Himanta की पत्नी पर आरोप का मामला, Telangana HC से Congress नेता Pawan Khera को राहत | BREAKING
Topics mentioned in this article