जन-जागरण से लेकर बड़ी रैलियों तक... 'वीबी जी राम जी' क़ानून के ख़िलाफ़ कांग्रेस का 'मनरेगा बचाओ संग्राम'

वीबी जी राम जी क़ानून पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इसका सिर्फ नाम बड़ा है, बाकि इसमें गारंटी केंद्रीयकरण की है. रोजगार की कोई गारंटी नहीं है, राज्य सरकारों के लिए वित्तीय सहायता की कोई गारंटी नहीं है.

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जी राम जी बिल पर कांग्रेस का संग्राम
नई दिल्ली:

ग्रामीण रोजगार को लेकर मनरेगा की जगह केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए वीबी जीरामजी क़ानून के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने "मनरेगा बचाओ संग्राम" शुरू करने का एलान किया है. कांग्रेस ने 10 जनवरी से 25 फरवरी तक तीन चरणों में देशव्यापी अभियान चलाने का ऐलान किया है. इसके तहत पंचायत स्तर से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर धरना और रैलियों का का आयोजन किया जाएगा. 

पहले चरण के तहत, देश भर में 10 जनवरी को जिला कांग्रेस कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की जाएगी और 11 जनवरी को कांग्रेस नेता जिला मुख्यालय या गांधी/अंबेडकर मूर्ति पर पर एक दिन का उपवास रखेंगे.इसके बाद 12 जनवरी से 30 जनवरी तक दूसरा चरण चलेगा. इसके तहत ग्राम पंचायत के स्तर पर चौपाल का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे की चिट्ठी कांग्रेस कार्यकर्ता ग्राम प्रधान  रोजगार सेवक और मनरेगा मजदूरों को सौंपेंगे. 30 जनवरी को शहीद दिवस के दिन वार्ड स्तर पर धरना दिया जाएगा. 

गांव के स्तर पर व्यापक जन जागरण के बाद तीसरे चरण में 31 जनवरी से 6 फ़रवरी तक जिला मुख्यालयों पर मनरेगा बचाओ धरना दिया जाएगा. 7 से 15 फरवरी तक विधानसभाओं का घेराव किया जाएगा. इसके बाद 16 से 25 फरवरी के बीच चार बड़ी रैलियां होंगी जिसमें राहुल गांधी, खरगे जैसे बड़े नेता शामिल होंगे. रैलियों की तारीख और जगह आने वाले दिनों में तय होगी. 

वीबी जी राम जी क़ानून पर निशाना साधते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इसका सिर्फ नाम बड़ा है, बाकि इसमें गारंटी केंद्रीयकरण की है. रोजगार की कोई गारंटी नहीं है, राज्य सरकारों के लिए वित्तीय सहायता की कोई गारंटी नहीं है. इस अधिनियम में सिर्फ केंद्र सरकार तय करेगी कि पैसे का आवंटन कैसे होगा, किस आधार पर होगा और किन पंचायतों को इसका लाभ मिलेगा. अब ये रोजगार का हक नहीं, केंद्र सरकार का केंद्रीय कार्यक्रम बन गया है. 

जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस के मनरेगा बचाओ संग्राम में अन्य दलों और नागरिक संगठनों को भी साथ लेने की कोशिश की जाएगी. इसका नतीजा वही होगा जो तीन कृषि क़ानूनों का हुआ, मनरेगा वापस लौटेगा.कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वीबी जीरामजी क़ानून को लेकर सभी विपक्षी दल आपस में बात करेंगे और विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री साझा रणनीति बनाएंगे. इसे अदालत में चुनौती देने की तैयारी भी चल रही है. 

कांग्रेस के आक्रामक रूख के मद्देनजर बीजेपी भी नए कानून के पक्ष में माहौल बनाने की रणनीति बना रही है. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी के अभियान से कांग्रेस को ही मदद मिलेगी और मनरेगा बचाओ संग्राम के पक्ष में माहौल बनेगा. 

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