- PM मोदी ने US राष्ट्रपति ट्रंप पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और लोकतंत्र में हिंसा की अस्वीकृति जताई.
- मोदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं, जिससे उन्हें राहत महसूस हुई है.
- कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने ट्रंप की नीतियों को दोषी ठहराते हुए कहा कि जैसी करनी वैसी भरनी होती है.
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रम में हुई गोलीबारी की घटना पर भारत में भी बयानबाजी शुरू हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. पीएम मोदी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सुरक्षित हैं, ये जानकर राहत मिली है. साथ ही कहा है कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है. दूसरी ओर कांग्रेस के एक नेता का बयान भी सामने आया है. कांग्रेस नेता ने इस हमले को लेकर ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि जैसी करनी वैसी भरनी.
कांग्रेस नेता बोले- जैसी करनी, वैसी भरनी
महाराष्ट्र कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले को लेकर कहा, "जैसी करनी वैसी भरनी. उसने सत्ता के सर्वोच्च पद पर होते हुए पूरे विश्व को जिस तरह से काबू करने के लिए, कब्जा करने के लिए हर देश को डिस्टर्ब करने का काम किया, हर देश पर अपना कंट्रोल करने का काम किया और यह कहा कि पूरा विश्व हमारा गुलाम है, इस तरह की उसकी जो भाषा है, उसने देश को भी बर्बाद किया."
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि ईरान से कोई संबंध नहीं था, फिर भी उसने इजराइल को पकड़कर जो वार किया, उसमें यह होना ही था.
कांग्रेस नेता ने ट्रंप पर अमेरिका को बर्बाद करने का आरोप लगाया
कांग्रेस नेता ने ट्रंप पर अमेरिका को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रंप ने अमेरिका को बर्बाद कर दिया है, अपने मंसूबे पूरे करने के लिए, अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के लिए. फिर उन्होंने भारत का भी जिक्र किया. कांग्रेस नेता ने कहा, "जैसे अपने देश में चल रहा है, वैसा वहां चला. यह होना ही था. लोगों ने रास्ते पर उतरकर उनका विरोध किया, अब हिंदुस्तान में नहीं उतर रहे, इनको लग रहा है कि सब कुछ ऑल वेल है.
'सर्वोच्च पद पर बैठे लोगों के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि लोगों में वही भावना आज भी है कि पूरा हिंदुस्तान भी बर्बादी के रास्ते पर चल रहा है. ट्रंप के साथ जो हुआ, ये सही मायनों में उस सर्वोच्च पद पर आसीन व्यक्ति के बारे में नहीं होना चाहिए था. जैसा करेगा, तो जनता उसका जवाब देगी, यही उस घटना से दिखता है.
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