जनगणना 2027 : आज से शुरू हुई स्व-गणना की प्रक्रिया, जानें कैसे प्राप्त करें अपनी SE ID

जनगणना 2027 के तहत आज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व‑गणना (SE) की सुविधा भी शुरू कर दी गई है.

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  • जनगणना 2027 के मकानसूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो गया है.
  • दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व‑गणना की ऑनलाइन सुविधा 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी.
  • बिहार में 15‑दिवसीय स्व‑गणना अवधि समाप्त होकर क्षेत्रीय कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा.
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जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का कार्य आज से छह राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में शुरू हो गया है. इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं. अधिसूचित 15‑दिवसीय स्व‑गणना अवधि पूरी होने के बाद इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू की गई है. यह कार्य 30 मई 2026 तक जारी रहेगा, जिसके दौरान प्रशिक्षित प्रगणक घर‑घर जाकर आंकड़ों का संग्रह करेंगे.

जनगणना 2027 के तहत आज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व‑गणना (SE) की सुविधा भी शुरू कर दी गई है. यह ऑनलाइन सुविधा 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी. इन राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा.

इसके अलावा, बिहार में अधिसूचित 15‑दिवसीय स्व‑गणना अवधि आज समाप्त हो रही है. यहां घर‑घर जाकर क्षेत्रीय कार्य 2 मई 2026 से शुरू होकर 31 मई 2026 तक चलेगा. जनगणना में पहली बार शुरू की गई स्व‑गणना सुविधा को जनता से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है. डिजिटल‑प्रथम पहल के तहत अब तक लगभग 82 लाख परिवारों ने आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी स्व‑गणना सफलतापूर्वक पूरी की है. यह सुविधा क्षेत्रीय गणना से पहले उपलब्ध कराई गई है, जिससे नागरिक सुरक्षित और यूज़र‑फ्रेंडली डिजिटल मंच पर अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकें.

जिन निवासियों ने स्व‑गणना पूरी कर ली है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी स्व‑गणना आईडी (SE ID) प्रगणक के आने पर साझा करें. जिन परिवारों ने स्व‑गणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें प्रगणक घर‑घर जाकर इस प्रक्रिया में शामिल करेंगे. जनगणना पहली बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है, जबकि व्यापक और सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर‑घर गणना प्रणाली को भी यथावत रखा गया है. फील्ड विज़िट के दौरान प्रगणक डेटा संग्रह के लिए समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे.

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मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण के अंतर्गत 33 अधिसूचित प्रश्नों पर आधारित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवारों का विवरण और उपलब्ध सुविधाओं व परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी. यह चरण जनगणना 2027 के आगामी जनसंख्या गणना चरण की मजबूत नींव भी तैयार करेगा. वर्तमान में स्व‑गणना सुविधा तेलंगाना और पंजाब में अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है. वहीं, मकानसूचीकरण का कार्य अंडमान‑निकोबार, दादरा‑नगर हवेली, दमन‑दीव, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम, उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के NDMC व दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्रों में भी जारी है.

गौरतलब है कि जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी आंकड़े पूर्णतः गोपनीय रखे जाते हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय व विकास योजना निर्माण के उद्देश्य से किया जाता है. सभी अधिसूचित राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के निवासियों से अपील है कि वे प्रगणकों को पूरा सहयोग दें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं.

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