अभी नहीं कह सकते की अमेरिकी टैरिफ के मोर्चे पर आगे क्या होगा: पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रींगला

श्रींगला मानते हैं कि अनिश्चितता की वजह से भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन को अमेरिका नहीं भेजने का फैसला सही था.दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए "रेसिप्रोकल टैरिफ" को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अंतराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज़ हो गयी है.

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नई दिल्ली:

अमेरिका में भारत के राजदूत रहे पूर्व विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रींगला ने एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टैरिफ के मसले पर स्थिति बदली है.अमेरिकी सरकार आने वाले दिनों में टैरिफ रेट को और बढ़ा सकती है. दिल्ली में US-India Strategic Partnership Forum द्वारा आयोजित टूरिज्म लीडरशिप समिट के साइडलाइन पर श्रींगला ने कहा कि टैरिफ के मोर्चे पर तस्वीर अभी साफ़ नहीं है.

भारतीय विदेश सेवा से रिटायर होने के बाद राज्य सभा सांसद बने श्रींगला ने एनडीटीवी से कहा कि मैंने संसद में कहा था कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील सबसे बेहतरीन डील है, क्योंकि भारत के प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले भारत पर सबसे कम टैरिफ लगाया गया है. लेकिन अभी हम नहीं कह सकते की टैरिफ के मोर्चे पर आगे क्या होगा.

श्रींगला मानते हैं कि अनिश्चितता की वजह से भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन को अमेरिका नहीं भेजने का फैसला सही था.दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लगाए गए "रेसिप्रोकल टैरिफ" को रद्द करने के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अंतराष्ट्रीय व्यापार में हलचल तेज़ हो गयी है. इसको लेकर अंतर्राष्ट्रीय ट्रेड जगत में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन का अमेरिका दौरा टल गया है.

दर्पण जैन इसी सोमवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी वार्ताकारों के साथ निर्णायक दौर की बातचीत के लिए वाशिंगटन पहुँचने वाले थे. वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने तय किया है कि भारत के मुख्य वार्ताकार और उनकी टीम की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा को हाल के ताज़ा घटनाक्रम और उसके असर के मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जायेगा। बैठक पारस्परिक रूप से सुविधाजनक तिथि पर पुनर्निर्धारित की जाएगी. 

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पिछले शनिवार को केंद्र सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा था कि शुक्रवार को आये टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भारत ने नोट किया है. वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि इस संबंध में राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया है. अमेरिकी प्रशासन की ओर से कुछ कदमों की घोषणा की गई है. हम इन सभी घटनाक्रमों के असर का अध्ययन कर रहे हैं.पूर्व विदेश सचिव श्रींगला का सुझाव है कि भारत को अमेरिका के साथ लगातार इंगेज रहना चाहिए और बातचीत करते रहनी चाहिए.

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