शरीर पर टैटू बनाने का शौक रखने वाले युवा सावधान! नौकरी हाथ से गई, अदालत में भी राहत नहीं मिली

अदालत ने बताया कि उम्मीदवार की विस्तृत मेडिकल जांच तीन दिसंबर और पुन: मेडिकल जांच छह दिसंबर, 2025 को हुई थी. न्यायाधीश ने कहा कि रिकॉर्ड से लगता है कि तीन दिसंबर को उम्मीदवार के शरीर पर टैटू थे और उसने छह दिसंबर को पुन: जांच से पहले उन्हें हटाने की कोशिश की. अदालत ने कहा कि इस तरह का व्यवहार सही नहीं माना जा सकता.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सीएपीएफ पद की उम्मीदवारी में टैटू होने के कारण अस्वीकृति की याचिका खारिज की.
  • न्यायालय ने कहा कि उम्मीदवार का स्वास्थ्य मेडिकल जांच के दिन की स्थिति के आधार पर मूल्यांकन होना चाहिए.
  • मेडिकल बोर्ड से पुनः जांच कराने का अधिकार है लेकिन टैटू हटवाना जांच के बाद स्वीकार्य नहीं माना गया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कोलकाता:

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में कांस्टेबल की नौकरी के इच्छुक एक व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी, जिसमें उसने शरीर के विभिन्न भागों पर टैटू के निशान होने के कारण उम्मीदवारी खारिज किए जाने को चुनौती दी थी. अभ्यर्थी ने मेडिकल परीक्षा से पहले वे टैटू हटा दिए थे, लेकिन उनके निशान बाकी थे.

अदालत ने कहा कि किसी उम्मीदवार के स्वास्थ्य का मूल्यांकन उस स्थिति के आधार पर होना चाहिए, जो विस्तृत मेडिकल जांच वाले दिन थी. न्यायमूर्ति सौगात भट्टाचार्य ने कहा कि अगर मेडिकल जांच में कोई गड़बड़ी हो, तो उम्मीदवार को मेडिकल बोर्ड से दोबारा (रिव्यू) जांच कराने का अधिकार है. लेकिन अदालत ने यह भी साफ किया कि खुद को फिट घोषित कराने के लिए विस्तृत मेडिकल जांच के बाद और पुन: जांच से पहले टैटू हटवाना स्वीकार्य नहीं है. इसी आधार पर अदालत ने उम्मीदवार की याचिका खारिज कर दी.

अदालत ने बताया कि उम्मीदवार की विस्तृत मेडिकल जांच तीन दिसंबर और पुन: मेडिकल जांच छह दिसंबर, 2025 को हुई थी. न्यायाधीश ने कहा कि रिकॉर्ड से लगता है कि तीन दिसंबर को उम्मीदवार के शरीर पर टैटू थे और उसने छह दिसंबर को पुन: जांच से पहले उन्हें हटाने की कोशिश की. अदालत ने कहा कि इस तरह का व्यवहार सही नहीं माना जा सकता.

यह उम्मीदवार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में कांस्टेबल पद पर भर्ती की प्रक्रिया में शामिल था. उसे शरीर पर टैटू के निशान होने के कारण मेडिकल रूप से अनफिट घोषित किया गया था. उम्मीदवार ने बताया कि उसने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के एक अस्पताल में लेजर तकनीक से टैटू हटवा लिए थे.

उम्मीदवार ने अदालत से कहा कि अब टैटू हट चुके हैं, इसलिए उसे रिव्यू मेडिकल जांच में फिट घोषित किया जाना चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि टैटू छह दिसंबर को हटवाया गया और सरकार के पास इसके सबूत हैं.

Featured Video Of The Day
Filmmaking का भविष्य AI? NDTV AI Summit में एक्सपर्ट्स की चर्चा |NDTV India| Artificial Intelligence