धनतेरस पर झाड़ू की 'बम्पर' बिक्री: दिल्ली-NCR में सफाई के प्रतीक ने सोने-चांदी को छोड़ा पीछे

दिल्ली-एनसीआर के साप्ताहिक शनि बाजारों में अन्य चीजों की तुलना में हर दूसरे हाथ में झाड़ू ज़रूर नजर आया. लोग शुभ मुहूर्त में पूजा के लिए फूल झाड़ू या सींक वाली झाड़ू खरीदते दिखे.

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नई दिल्ली:

धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर सोने, चांदी और बर्तनों की खरीददारी के बीच, इस बार झाड़ू ने एक अलग ही रिकॉर्ड बनाया है. आधिकारिक बिक्री के आंकड़े भले ही बाद में आएँ, लेकिन मुहूर्त और पूजा से पहले की खरीददारी में झाड़ू सबसे आगे रहा.

खासकर दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में, झाड़ू की बम्पर बिक्री देखने को मिली. धनतेरस के दिन झाड़ू को सफाई और दरिद्रता को दूर करने का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इसे घर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि झाड़ू से घर की गंदगी के साथ-साथ नकारात्मकता भी दूर होती है और यह मां लक्ष्मी के आगमन का मार्ग प्रशस्त करता है.

दिल्ली-एनसीआर के साप्ताहिक शनि बाजारों में अन्य चीजों की तुलना में हर दूसरे हाथ में झाड़ू ज़रूर नजर आया. लोग शुभ मुहूर्त में पूजा के लिए फूल झाड़ू या सींक वाली झाड़ू खरीदते दिखे.

पिछले साल की तुलना में सोने-चांदी की कीमतों में इजाफा

पिछले साल दीपावली के दौरान सोने का भाव लगभग ₹80,000 प्रति 10 ग्राम था, जबकि इस साल बढ़कर ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम को पार कर गया है, यानी करीब 60% की वृद्धि. इसी प्रकार चांदी की कीमतें 2024 में ₹98,000 प्रति किलोग्राम थीं, जो अब ₹1,80,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई हैं, यानी लगभग 55% की बढ़ोतरी. इन बढ़ी कीमतों के चलते निवेशक ग्राहकों ने बाजार में सामान खरीदा, क्योंकि सोने चांदी को निवेश हेतु सबसे सुरक्षित वस्तु माना जाता है. वहीं, आम ग्राहकों ने हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दी. 

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