रेलवे कॉरिडोर, AI, सेमीकंडक्टर.. बजट 2026 की जानिए हर बड़ी बात

वित्त मंत्री ने ग्रामीण आय में विविधता लाने और पारंपरिक कृषि से बाहर रोजगार अवसर पैदा करने के मकसद से रविवार को पशुपालन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्रों के लिए कई पहल की बजट 2026-27 में घोषणा की.

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निर्मला सीतारमण ने लगातार 9वीं बार पेश किया आम बजट
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  • निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर बारह लाख करोड़ रुपये किया।
  • वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के चार दशमलव तीन प्रतिशत पर रखा जाएगा
  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और एक फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण सहित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा गया
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नई दिल्ली:

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना लगातार 9 वां बजट पेश किया. अपने बजट भाषण में उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की हैं. वित्त मंत्री ने Bio Pharma Shakti की घोषणा की है. इसे लेकर अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान भी रखा गया है. इसके अलावा निर्मला सीतारमण ने कैपिटल एक्सपेंडिचर में करीब 9% वृद्धि का ऐलान किया है. केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026‑27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है.आपको बता दें कि पिछले बजट FY25‑26 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) 11.21 लाख करोड़ रुपये तय किया गया था. निर्मला सीतारमण ने यह बजट भाषण उस समय दिया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने यूनियन बजट 2026 को मंजूरी दे दी.

वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित प्रमुख प्रावधान क्या-क्या हैं, आप भी जान लीजिए...

  • आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं
  • वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) सौदों पर लगने वाले प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाकर क्रमशः 0.05 प्रतिशत और 0.15 प्रतिशत किया गया.
  • विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर ‘स्रोत पर कर संग्रह' (टीसीएस) की दर को दो प्रतिशत किया गया.
  • उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्च पर टीसीएस को भी दो प्रतिशत किया गया.
  • नया आयकर अधिनियम, 2025 इस साल एक अप्रैल से लागू होगा, नियम और फॉर्म जल्द जारी होंगे.
  • बिना ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख अगस्त 31 तक बढ़ाई गई.
  • विदेशी कंपनियों को भारत के डेटा सेंटर से वैश्विक सेवाएं प्रदान करने पर 2047 तक मिलेगा ‘कर अवकाश.'
  • वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से कम है.
  • जीडीपी में ऋण का अनुपात 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत किया गया.
  • वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये.
  • सरकारी पूंजीगत व्यय को 11.11 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया.
  • राज्यों को कर हिस्सेदारी के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित.
  • शुद्ध कर संग्रह 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
  • सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
  • बजट का ‘तीन कर्तव्य' पर ध्यान, वृद्धि की रफ्तार तेज करना, आकांक्षाओं को पूरा करना, और सबका साथ, सबका विकास.
  • सुधारों के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस' के तहत 350 से अधिक सुधार लागू.
  • एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का वृद्धि कोष बनाने का प्रस्ताव, भविष्य के चैंपियन बनाने का लक्ष्य.
  • सीमाशुल्क के लिए विश्वास-आधारित प्रणाली, पूर्व-निर्धारित कर निर्णय (एडवांस रुलिंग) की वैधता अवधि पांच वर्ष तक बढ़ाई गई.
  • सेवा क्षेत्र का योगदान वर्ष 2047 तक बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने के लिए उच्चस्तरीय के गठन का प्रस्ताव.

डॉ. अरुणाभा घोष, सीईओ, काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू), ने कहा कि बजट 2026 ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शहरों और कृषि जैसे क्षेत्रों में भारतीय क्षमताओं की अगली पीढ़ी को आकार देने वाले एक मार्गदर्शक (beacon) के रूप में सामने आया है. यह न केवल इसका संकेत देता है कि भारत किस दिशा में आगे बढ़ रहा है, बल्कि यह भी बताता है कि हमारे संस्थानों, बाजारों और नवोन्मेषकों (innovators) को अब किस तरह से विकसित होना चाहिए. 

AI पर रहा विशेष जोर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत सेवा क्षेत्र में वैश्विक लीडर बने और दुनिया के कुल सेवा कारोबार में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचे. इसके लिए शिक्षा, स्किल और तकनीक को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा. यह हाई-पावर कमेटी सेवा क्षेत्र में विकास, रोजगार और निर्यात की सबसे ज्यादा संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान करेगी. कमेटी बताएगी कि किन सेक्टर्स में ज्यादा नौकरियां बन सकती हैं और उन्हें कैसे बढ़ाया जाए.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और दूसरी नई तकनीकों का नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा, इसका आकलन करेगी. भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा और स्किल ट्रेनिंग में जरूरी बदलावों का सुझाव देगी. उन्होंने कहा कि इस कमेटी की सिफारिशों से युवाओं को समय के मुताबिक स्किल्स मिलेंगी और उन्हें देश-विदेश में रोजगार के बेहतर मौके मिल सकेंगे. यानी इससे युवाओं और अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन योजनाओं से परहेज किया और ‘सुधार एक्सप्रेस' को जारी रखने की घोषणा भी की. वित्त मंत्री ने ग्रामीण आय में विविधता लाने और पारंपरिक कृषि से बाहर रोजगार अवसर पैदा करने के मकसद से रविवार को पशुपालन, मत्स्य पालन और उच्च मूल्य वाले कृषि क्षेत्रों के लिए कई पहल की बजट 2026-27 में घोषणा की.

बजट विदेशी संपत्ति खुलासा

बजट में छोटे करदाताओं के लिए छह महीने की विदेशी संपत्ति खुलासा योजना की घोषणा की गई है. 

बजट राजकोषीय घाटा

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है.वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.3 प्रतिशत रहेगा जो चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है. 

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बजट रेल में क्या कुछ है खास

वित्त मंत्री ने बजट में सात हाई-स्पीड, एक फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का प्रस्ताव रखा. निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के केंद्रीय बजट में अलग-अलग शहरों के बीच सात हाई-स्पीड कॉरिडोर और पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत के बीच एक नए विशेष फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा.

बजट पूंजीगत व्यय

सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है.

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बजट कार्बन योजना

बजट 2026-27 में कार्बन अवशोषण और उपयोग योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है. 

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