- BJP ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा’ आरंभ की है.
- यात्रा लगभग 5 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में 280 से अधिक जनसभाएं होगी.
- यात्रा का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा के साथ होगा.
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आज से राज्यव्यापी ‘परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत कर दी. पार्टी इस अभियान के जरिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ जनमत को संगठित करने, जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और चुनाव से पहले व्यापक जनसंपर्क स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है. यात्रा का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा के साथ होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधित करने की संभावना है.
यह यात्रा राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन के तुरंत बाद शुरू हुई है. पिछले वर्ष नवंबर में शुरू हुई इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 63.66 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जो कुल मतदाताओं का करीब 8.3 प्रतिशत है. इसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है.
5,000 किलोमीटर की यात्रा, 63 सभाएं
भाजपा द्वारा जारी विवरण के अनुसार, परिवर्तन यात्रा करीब 5,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी. अभियान के दौरान 63 बड़ी सार्वजनिक सभाएं और 280 से अधिक जनसभाएं आयोजित की जाएंगी. पार्टी का दावा है कि इस यात्रा में एक करोड़ से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. पार्टी नेताओं के अनुसार, इस पहल को एक बड़े पैमाने पर लोगों से जुड़ने, अभियान और संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा दोनों के रूप में तैयार किया गया है, ताकि बूथ स्तर की तैयारी को बड़े जनसमर्थन में बदला जा सके.
नौ स्थानों से एक साथ शुरुआत
परिवर्तन यात्रा राज्य के नौ अलग-अलग स्थानों कूचबिहार, कृष्णानगर, कुल्टी, गरबेटा, रैदिघी, इस्लामपुर, हसनाबाद, संदेशखाली और आमता से शुरू हुई है. 1 मार्च को प्रमुख कार्यक्रमों में कूचबिहार के रसमेला मैदान, कृष्णानगर के दिगनगर पंचायत मैदान, गरबेटा के सर्वमंगला मंदिर क्षेत्र के पास मैदान और कुल्टी के चाइना कुरी नंबर-3 मैदान में सभाएं आयोजित की गईं. इन कार्यक्रमों में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिनमें जे.पी. नड्डा, स्मृति ईरानी, सुकांत मजूमदार, सुवेंदु अधिकारी, नितिन नवीन, धर्मेंद्र प्रधान और दिलीप घोष सहित अन्य नेता मौजूद रहे.
‘परिवर्तन' को बताया जनभावना
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस अभियान को “बंगाल में लोकतांत्रिक सुधार का अगला चरण” बताते हुए कहा कि राज्य में बदलाव की मांग तेज हो रही है और यात्रा का उद्देश्य उसी जनभावना से जुड़ना है. पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए 1 से 1.5 करोड़ लोगों तक सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा.
यात्रा के दौरान बीजेपी के कई केंद्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है. पार्टी इसे 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले एक निर्णायक राजनीतिक अभियान के रूप में देख रही है. गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में 18 सीटें जीतकर खुद को मुख्य विपक्ष के रूप में स्थापित किया था, हालांकि 2021 के विधानसभा चुनाव में वह सत्ता परिवर्तन नहीं कर सकी थी.
राजनीतिक माहौल भी गरम
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के विधायक शौकत मोल्ला ने आरोप लगाया है कि शनिवार रात उनके काफिले पर देसी बम से हमला किया गया, जिसमें वे बाल-बाल बच गए. इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है. बीजेपी ने ‘पलटनो दरकार, चाही बीजेपी सरकार' और ‘ब्रिगेड चलो' के नारे के साथ इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की कोशिश की है, जिससे चुनावी मुकाबले से पहले बंगाल की राजनीति और अधिक सक्रिय हो गई है.
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