- नितिन नवीन को संसद भवन के पुराने हिस्से में बीजेपी कार्यालय के पास कमरा नंबर चार आवंटित किया गया है
- यह कमरा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी से जुड़ा हुआ है
- वाजपेयी ने 2004 में इस कमरे का कभी उपयोग नहीं किया लेकिन उनकी नेमप्लेट वहां बनी रही
भारतयी जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष नितिन नवीन को संसद भवन में अपना कमरा मिल गया है. ये वही कमरा है जिसमें एक समय में अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे नेता भी बैठते थे. नितिन नवीन को पुराने संसद भवन में बीजेपी कार्यालय के पास कमरा नंबर चार दिया गया है. BJP अध्यक्ष नितिन नवीन को लुटियन दिल्ली में सरकारी बंगला मिलने के बाद अब संसद भवन परिसर में भी कमरा मिल गया है. पुराने संसद भवन को अब संविधान सदन के नाम से जाना जाता है. सभी राष्ट्रीय दलों के कार्यालय इसी भवन में हैं. कुछ राज्य मंत्रियों के कार्यालय भी इसी इमारत में हैं.
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन को जो चार नंबर कमरा मिला है. इस कमरे की कहानी अपने आप में बेहद दिलचस्प है. इस कमरे से ऐतिहासिक रूप से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जुड़ाव रहा है. ग्राउंड फ्लोर पर स्थित यह कमरा नंबर 4 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है.यह कमरा 2004 के लोकसभा चुनावों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एनडीए अध्यक्ष के रूप में आवंटित किया गया था.
इसे जनता दल (यूनाइटेड) ने एनडीए के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया था. यह भाजपा संसदीय दल के कार्यालय के ठीक बगल में है.हालांकि, वाजपेयी ने इस कमरे का कभी उपयोग नहीं किया. 2004 में एनडीए की हार के बाद 80 वर्षीय वाजपेयी स्वास्थ्य खराब होने के कारण सक्रिय राजनीति से दूर हो चुके थे.वे कभी इस कमरे में नहीं आए लेकिन कमरे के बाहर उनकी नेमप्लेट लगी रही. 2018 में उनके निधन के बाद भी नेमप्लेट बरकरार रही. यह कमरा 2009 में लाल कृष्ण आडवाणी को एनडीए के अध्यक्ष के रूप में आवंटित किया गया.
लंबे समय तक आडवाणी की नेमप्लेट वाजपेयी के साथ ही लगी रही. वे 2019 तक इसका नियमित उपयोग करते रहे. 2019 के बाद यह कमरा खाली रहा. फिर 2021 में वाजपेयी और आडवाणी के नेमप्लेट हटा दिए गए और तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को यह कमरा आवंटित किया गया. जेपी नड्डा पहले तत्कालीन राज्यसभा नेता थावरचंद गहलोत के साथ कमरा शेयर करते थे। बाद में जगह की कमी को देखते हुए उन्हें कमरा नंबर चार दिया गया.अब नितिन नवीन इस कमरे में संसद सत्र के दौरान बैठेंगे. इस तरह संविधान सदन का यह कमरा बीजेपी में नेतृत्व और पीढ़ी के परिवर्तन का प्रतीक बन गया है.
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