- बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली, जिससे पार्टी का प्रभाव हिंदीभाषी क्षेत्रों से आगे बढ़ा है.
- ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा 2029 के आम चुनाव में बहुमत हासिल करने की मजबूत स्थिति में है.
- बंगाल में भाजपा ने एक दशक पहले केवल तीन सीटें जीती थीं, जबकि अब उसे दो-तिहाई बहुमत मिला है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत ने यह तय कर दिया है कि देश में BJP का प्रभाव और बढ़ा है. हिंदीपट्टी से सजा बंगाल ही एकमात्र वह राज्य था, जहां बीजेपी अभी तक अपना कमल नहीं खिला सकी थी. लेकिन इस बार बंगाल में बीजेपी को वो करिश्मा दिखाया, जो आज तक नहीं कर सकी थी. बंगाल, असम में मिली जीत, केरल-तमिलनाडु में बढ़ती मजबूती यह बता रही है कि पीएम मोदी अब 2030 के भी सत्ता में बने रहने की जमीन तैयार कर रहे हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में भी इस बात की तस्दीक की गई है. ब्लूमबर्ग ने वोटिंग ट्रेंड के आधार पर यह दावा किया है.
2029 में बहुमत हासिल करने के रास्ते पर PM मोदी
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट कहती है कि बंगाल चुनाव में BJP को मिली बड़ी जीत और तमिलनाडु, केरल में सत्ताधारी दलों की मिली हार ने विपक्षी खेमे को बिखेड़ दिया है. बीजेपी का प्रभाव उसके पारंपरिक उत्तरी गढ़ों से आगे बढ़ा दिया है. ब्लूमबर्ग की एनालिसिस रिपोर्ट के अनुसार, पीएम मोदी ऐसी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिसका उद्देश्य 2029 के मध्य तक होने वाले आम चुनाव में भाजपा का संसदीय बहुमत फिर से हासिल करना है. ऐसा होने पर वह भारत के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता बन सकते हैं.
2029 के चुनाव के लिए BJP मजबूत स्थिति में
इस रिपोर्ट में वॉशिंगटन स्थित अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया के वरिष्ठ फेलो माइकल कुगेलमैन ने कहा, “तीन साल का समय लंबा होता है, लेकिन मुझे लगता है कि BJP अब चौथे कार्यकाल के लिए चुनाव में उतरने की बेहद मजबूत स्थिति में है. यह हाल के वर्षों में मोदी की सबसे बड़ी राजनीतिक जीतों में से एक है.”
बंगाल चुनाव के वोटिंग ट्रेंड पर ब्लूमबर्ग का दावा
हाल के चुनावों में हुए वोटिंग पैटर्न के आधार पर ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. ब्लूमबर्ग के वोटर ट्रेंड्स के एनालिसिस से पता चला कि बंगाल में सीटों के लेवल पर ध्रुवीकरण बढ़ रहा है. यहां BJP ने एक दशक पहले सिर्फ तीन सीटें जीती थीं, लेकिन पिछले हफ़्ते उसने 207 सीटें जीतकर राज्य विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया.
ब्लूमबर्ग का यह एनालिसिस सीटों के लेवल पर दिखे ट्रेंड्स पर आधारित है, न कि इस बात पर कि लोगों ने किसे वोट दिया. यह एनालिसिस लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस में 'क्वालिटेटिव मेथड्स' के एसोसिएट प्रोफ़ेसर राफ़ेल कोहेन सुसेविंड की रिसर्च पर आधारित है.
उनकी रिसर्च में पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट में दर्ज नामों का इस्तेमाल करके हर सीट की संभावित धार्मिक बनावट का अंदाज़ा लगाया गया है. हाल ही में कोई जनगणना न होने की वजह से इन नतीजों को एक 'प्रॉक्सी' (अनुमानित संकेत) के तौर पर समझना ही सबसे सही रहेगा.
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