बेंगलुरु में हाई-वोल्टेज ड्रामा: उमर खालिद से जुड़े कार्यक्रम पर भिड़े बीजेपी और आयोजक, पुलिस सुरक्षा में होगा इवेंट

बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार द्वारा जेएनयू कार्यकर्ता उमर खालिद पर आधारित पुस्तक के विमोचन की अनुमति देने के विरोध में प्रदर्शन किया.

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  • बेंगलुरु में उमर खालिद की पुस्तक पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता और आयोजक आपस में भिड़ गए थे
  • बीजेपी सांसद पी.सी. मोहन ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर इस कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की थी
  • बीजेपी ने आरोप लगाया कि यह कार्यक्रम 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद का महिमामंडन करता है
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बेंगलुरु में उमर खालिद से जुड़े एक कार्यक्रम पर बीजेपी कार्यकर्ता और आयोजक आपस में भिड़ गए. डोमलुर के बेंगलुरु इंटरनेशनल सेंटर (BIC) में मंगलवार को 'उमर खालिद एंड हिज वर्ल्ड' नामक पुस्तक पर एक चर्चा और रीडिंग सेशन आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम के खिलाफ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. बीजेपी सांसद पी.सी. मोहन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की है. बीजेपी का आरोप है कि यह कार्यक्रम 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी और UAPA के तहत जेल में बंद व्यक्ति का 'महिमामंडन' है.

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

इस कार्यक्रम में मशहूर इतिहासकार रामचंद्र गुहा, अभिनेता प्रकाश राज और इतिहासकार जानकी नायर जैसे दिग्गजों के शामिल होने वाले थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस शासित राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि वे आतंकवादियों का समर्थन करते हैं. जैसे ही प्रदर्शन शुरू हुआ, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया, उन्हें हिरासत में लिया, और बसों में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया.

इस कार्यक्रम को अनुमति न देने की मांग को लेकर सोमवार को बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा गया था. भाजपा सांसद पीसी मोहन ने मंगलवार को इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उमर खालिद 2020 दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक हैं. उन्होंने कहा, '2020 दिल्ली दंगों में कई लोगों की जान गई और संपत्ति को नुकसान हुआ. जो व्यक्ति अभी जेल में है, उसे लेकर किताब का विमोचन करने की क्या जरूरत है?'

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'राष्ट्र-विरोधी तत्वों का महिमामंडन करने वाला आयोजन'

कार्यक्रम के आयोजकों की आलोचना करते हुए मोहन ने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजन 'राष्ट्र-विरोधी तत्वों' का महिमामंडन करते हैं. उन्होंने कहा, 'अन्य राज्यों में ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी जाती, लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस सरकार होने के कारण नरम रुख अपनाया जा रहा है, इसी वजह से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अप्रत्यक्ष रूप से ऐसे तत्वों को बढ़ावा दे रही है और अधिकारियों से कार्रवाई करने की मांग की.

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