बेंगलुरु: स्‍टेडियम के कैंटीन कर्मचारी ने अवैध रूप से बेच दिए 17 लाख से ज्‍यादा के टिकट, गिरफ्तार

बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने चिन्नास्वामी स्टेडियम कैंटीन के एक कर्मचारी को आईपीएल के टिकटों को अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है. पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को 15 हजार रुपये से 19 हजार रुपये प्रति टिकट की दर से 100 से अधिक आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी करते पकड़ा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
आरोपी की पहचान चंद्रशेखर के रूप में हुई है, जो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के अंदर स्थित श्री लक्ष्मी कैंटीन में काम करता था.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बेंगलुरु पुलिस ने IPL मैचों की टिकटों की अवैध बिक्री के आरोप में चंद्रशेखर नामक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है.
  • चंद्रशेखर एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की कैंटीन में काम करता था और टिकटों की अवैध बिक्री में शामिल था.
  • जांच में पता चला कि टिकट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Ticketgenie के जरिए थोक में खरीदे गए और महंगी कीमतों पर बेचे गए.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

बेंगलुरु पुलिस ने आईपीएल मैचों की टिकटों की अवैध बिक्री पर बड़ी कार्रवाई की है. बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने चिन्नास्वामी स्टेडियम कैंटीन के एक कर्मचारी को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के टिकटों को अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई से कॉरपोरेट संस्थाओं और अंदरूनी सूत्रों से जुड़े एक बड़े कालाबाजारी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. आरोपी की पहचान चंद्रशेखर के रूप में हुई है, जो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के अंदर स्थित श्री लक्ष्मी कैंटीन में काम करता था. पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को 15 हजार रुपये से 19 हजार रुपये प्रति टिकट की दर से 180 से ज्‍यादा आईपीएल टिकटों की कालाबाजारी करते रंगे हाथों पकड़ा गया.

पुलिस के अनुसार, ये टिकट 15 अप्रैल, 2026 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच होने वाले बहुचर्चित आईपीएल मैच के थे.

ये भी पढ़ें: प्रोफेसर ने क्लासरूम में मेडिकल छात्रा को किया प्रपोज, लड़की ने चप्पल से पीटा, हुआ जबरदस्त हंगामा

पुख्‍ता सूचना मिलने के बाद शुरू की जांच 

मैच के टिकटों की थोक खरीद और फिर उन्हें आम लोगों को काफी ऊंची कीमतों पर बेचे जाने की पुख्‍ता सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की. इस दौरान पुलिस ने स्टेडियम परिसर में काम करने वाले लोगों से पूछताछ की. इस पर चंद्रशेखर ने शक जताया, जो कथित तौर पर टिकटों की अवैध पुन: बिक्री में शामिल था.

Advertisement

आगे की जांच में पता चला कि 15 अप्रैल के मैच के टिकट ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म Ticketgenie के माध्यम से खरीदे गए थे.  ये टिकट स्वास्तिक हेवी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन कंसल्टेंट कंपनी के नाम से थोक में खरीदे गए थे, साथ ही धरानी कंप्यूटर्स कंपनी के नाम से 50 टिकट खरीदे गए थे. बाद में इन टिकटों को दूसरी जगह इस्तेमाल करके ऊंची कीमतों पर बेच दिया गया.

पुलिस ने 28 मार्च को आरसीबी और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बीच हुए आईपीएल मैच के दौरान भी इसी तरह का मामला उजागर किया था, जहां 6,60,000 रुपये के 81 टिकट एक ही कंपनी के नाम से खरीदे गए और ऊंची कीमतों पर दोबारा बेचे गए.

Advertisement

ये भी पढ़ें: नमाज के लिए जा रहे थे, आमने-सामने भिड़ गईं दो बाइक; बेंगलुरु में खौफनाक हादसे में 2 की मौत

17 लाख रुपये से ज्‍यादा के टिकट बेचे गए 

कुल मिलाकर जांचकर्ताओं ने पाया कि विभिन्न मूल्य श्रेणियों के 181 टिकट, जिनकी कीमत 17,52,600 रुपये थी, Ticketgenie के माध्यम से खरीदे गए और अवैध रूप से काला बाजार में बेचे गए.

पूछताछ के दौरान चंद्रशेखर ने कथित तौर पर खुलासा किया कि टिकट कर्नाटक स्‍टेट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य गणेश परीक्षित द्वारा उपलब्ध कराए गए थे, जिन्‍होंने कथित तौर पर उन्हें अधिक कीमतों पर बेचने का निर्देश दिया था. परीक्षित फिलहाल फरार हैं और उसकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया है.

साथ ही अवैध टिकट बिक्री में कथित रूप से सहायता करने के आरोप में कुछ निजी कंपनियों के प्रबंध निदेशकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
TCS Case पर Maharashtra CM Devendra Fadnavis का EXCLUSIVE Interview | Manogya Loiwal
Topics mentioned in this article