दरिंदगी और फिर सबूत मिटाने के लिए आग... बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की रूह कंपा देने वाली कहानी

जांच के दौरान ही पुलिस का शक पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले कर्नल कुरई पर गहराया. जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बेंगलुरु के राममूर्ति नगर में महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला डी.के. की संदिग्ध आग लगने से मौत हुई थी.
  • पड़ोसी कर्नल कुरई को गिरफ्तार किया गया है जिसने यौन उत्पीड़न और हत्या की साजिश कबूल की है.
  • आरोपी ने 3 जनवरी की रात यौन उत्पीड़न के इरादे से महिला के घर घुसकर उसे गंभीर रूप से घायल किया था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

बेंगलुरु के राममूर्ति नगर से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है. यहां एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासे हुए है. शुरुआती तौर पर कहां जा रहा था कि महिला की मौत आग लगने से हुई है. लेकिन से सच नहीं है. इस मामले में मृतका के पड़ोसी को ही गिरफ्तार किया गया है, जिसने पूछताछ में एक ऐसी खौफनाक साजिश को अंजाम देने की बात कबूल की है जिसे सुनकर इलाके के लोग दंग हैं.

अग्निकांड में शर्मिला की संदिग्ध मौत

गिरफ्तार आरोपी की पहचान कर्नल कुरई के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कोडगु जिले के विराजपेट का निवासी है और बेंगलुरु में पीड़िता के पड़ोस में ही रहता था. इस घटनाक्रम की शुरुआत 3 जनवरी, 2026 की रात को हुई, शुरूआती तौर पर यह कहा गया कि राममूर्ति नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सुब्रमण्य लेआउट में रहने वाली शर्मिला डी.के. के घर में अचानक आग लग गई थी. इस अग्निकांड में शर्मिला की संदिग्ध मौत हो गई थी.

जब पुलिस को हुआ संदेह

अगले दिन, 4 जनवरी को शिकायतकर्ता रोहित के. ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. शुरुआत में पुलिस ने इसे दुर्घटना मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194(3)(iv) के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था. हालांकि, घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस को संदेह हुआ और मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों तथा फॉरेंसिक जांच का सहारा लिया गया.

उस रात महिला के साथ क्या हुआ?

जांच के दौरान ही पुलिस का शक पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले कर्नल कुरई पर गहराया. जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने बताया कि 3 जनवरी की रात करीब 9:00 बजे वह यौन उत्पीड़न के इरादे से स्लाइडिंग खिड़की के रास्ते शर्मिला के घर में घुसा था. जब महिला ने इसका विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने बर्बरता दिखाते हुए उनका मुंह और नाक जोर से दबा दिया. फिर पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश होकर गिर पड़ी.

अपनी पहचान छिपाने और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने एक खौफनाक योजना बनाई. उसने पीड़िता के कपड़े और घर का अन्य सामान बेडरूम के गद्दे पर रखा और उसमें आग लगा दी, ताकि यह पूरी घटना एक आकस्मिक अग्निकांड जैसी लगे. भागते समय वह पीड़िता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 64(2) (बलात्कार), 66 और 238 (सबूत मिटाना) के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और जांच कर रही है.

Featured Video Of The Day
Iran Protest: अमेरिका-ईरान, होने वाला है घमासान? | Ali Khamenei vs Donald Trump |Dekh Raha Hai India