पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय बलों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है. चुनाव आयोग ने ड्यूटी में लापरवाही और निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप में सीआरपीएफ के तीन जवानों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई शनिवार देर रात की गई. मामला बीरभूम जिले का है, जहां केंद्रीय बलों को एक तय इलाके में गश्त करने की जिम्मेदारी दी गई थी. हालांकि, ड्यूटी के दौरान 3 जवान अचानक टीएमसी के एक स्थानीय दफ्तर में घुस गए.
कैरम खेल रहे थे CRPF के जवान
बताया जा रहा है कि वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जवानों ने न सिर्फ बातचीत की बल्कि कैरम खेलने में भी लग गए. यह खेल करीब एक घंटे तक चलता रहा. इस दौरान वे अपनी ड्यूटी से पूरी तरह अलग रहे, जिससे उनकी भूमिका पर सवाल उठने लगे. मामले की त्वरित जांच के बाद 3 जवानों को सस्पेंड करने का फैसला लिया गया. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं.
BSF के जवानों पर भी हो चुकी कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले भी आयोग ने शिकायत मिलने पर बीएसएफ के कुछ जवानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे. सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग इस बार किसी भी हालत में केंद्रीय बलों की छवि को खराब नहीं होने देना चाहता, खासकर जब विधानसभा चुनाव बेहद करीब हैं.
चुनाव आयोग ने जवानों को चेतावनी दी
आयोग का मानना है कि किसी एक राजनीतिक दल के दफ्तर में इस तरह मौजूदगी केंद्रीय बलों की पेशेवर छवि पर सवाल खड़ा करती है. यही वजह है कि इस मामले में तुरंत और कड़ी कार्रवाई की गई. इस घटना के बाद जिले के अन्य इलाकों में तैनात जवानों को भी चेतावनी दी गई है. चुनाव आयोग ने साफ संदेश दिया है कि चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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