- बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद 29 जनवरी की शाम को दिल्ली में आयोजित होता है
- समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंड प्रदर्शन करते हैं
- बीटिंग रिट्रीट समारोह की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति करते हैं, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं
हर साल जब 26 जनवरी की परेड खत्म होने के बाद लोगों को लगता है कि गणतंत्र दिवस का जश्न पूरा हो गया. लेकिन असल में, इस उत्सव का आधिकारिक समापन बीटिंग रिट्रीट के साथ होता है. 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह की रिहर्सल विजय चौक पर की जा रही है. इसकी शानदार तस्वीरें समाने आई हैं.
बीटिंग रिट्रीट समारोह गणतंत्र दिवस के तीन दिन बाद, 29 जनवरी की शाम को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित किया जाता है.
बीटिंग रिट्रीट समारोह में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के बैंड संगीतमय प्रस्तुति देते हैं.
बीटिंग रिट्रीट समारोह की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं.
भारत में पहली बार बीटिंग रिट्रीट समारोह 1950 के दशक में महारानी एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप की राजकीय यात्रा के दौरान आयोजित किया गया था.
तब से, यह बीटिंग रिट्रीट समारोह भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक वार्षिक कार्यक्रम बन गया है.
इस कार्यक्रम में सेना के बैंड 'सारे जहां से अच्छा' और 'कदम-कदम बढ़ाए जा' जैसी धुनें बजाते हैं, जिन्हें सुनकर हर हिंदुस्तानी का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है.
अंधेरा होते ही रायसीना हिल्स पर स्थित राष्ट्रपति भवन और आस-पास की इमारतें हजारों लाइटों से जगमगा उठती हैं. यह नजारा देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है.
बीटिंग रिट्रीट समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर देश के राष्ट्रपति का अपनी खास बग्गी या काफिले के साथ वहां पहुंचने का रिवाज है. अन्य गणमान्य अतिथि भी वहां मौजूद रहते हैं.
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फोटो क्रेडिट- PTI













