- अजित पवार का विमान बारामती के पास पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर निधन हो गया
- विमान सुबह 8:10 बजे पर मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरकर 36 मिनट बाद सिग्नल बंद होने के बाद दुर्घटना का शिकार हुआ
- फ्लाइट ट्रैकिंग के अनुसार विमान 237 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग 1016 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह अपने गृह नगर बारामती के पास एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया. विमान ने 8 बजकर 43 मिनट पर सिग्नल पूरी तरह से भेजना बंद कर दिया था, आखिर, ऐसा क्यों हुआ? अजित पवार के प्लेन क्रैश का सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया है. इस वीडियो में नजर आ रहा है कि कैसे विमान हादसे का शिकार हुआ और आग के गोले में तब्दली हो गया. विमान 8 बजकर 46 मिनट पर हादसे का शिकार हुआ. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि उनका कमर्शियल प्लेन मुंबई एयरपोर्ट से सुबह लगभग 8:10 बजे रवाना हुआ था. लगभग 36 मिनट बाद, यह बारामती के पास एक पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया.
विमान ने 8:43 बजे सिग्नल देना बंद किया
विमान लेयरजेट 45 (Learjet 45) में 8 से 9 यात्रियों को ले जाने की क्षमता थी. लेयरजेट 45 ने सुबह 8 बजकी 34 बजे निगरानी सिग्नल (Surveillance Signals) भेजना बंद कर दिया, लेकिन कुछ मिनट बाद चक्कर लगाते हुए फिर से शुरू कर दिया. फ्लाइटराडार24 के अनुसार, लगभग 8:43 बजे सिग्नल पूरी तरह बंद हो गए, जिससे दुर्घटना का संभावित समय पता चलता है.
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237 kmph की रफ्तार से उड़ रहा था...
विमान से सिग्नल भेजना बंद करने के सिर्फ 3 मिनट बाद हादसा हो गया. वह स्थान जहां विमान ने एडीएस-बी सिग्नल भेजना बंद कर दिया, बारामती हवाई अड्डे से लगभग 20 किमी दूर है, जहां उसे उतरना था. लेकिन विमान से दूरी तक नहीं कर सका और जमीन से जा टकराया. फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा एडीएस-बी एक्सचेंज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, विमान 1016 मीटर (एक किलोमीटर से अधिक) की ऊंचाई पर 237 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा था, तभी विमान के सिग्नल ट्रैकर्स से उसका संपर्क टूट गया.
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खराबी नहीं थी फिर, कैसे हुआ हादसा...?
एडीएस-बी डेटा के प्रारंभिक आकलन से पता चलता है कि विमान के उड़ान के रास्ते में कोई खराबी नहीं थी. उड़ान के दस मिनट बाद, विमान 6 किलोमीटर से अधिक की ऊंचाई पर था और 1036 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा था. लेकिन एकाएक विमान में क्या हो गया, ये जांच का विषय है. विमान को साहिल मदान उड़ा रहे थे, जिन्हें 16 साल का लंबा अनुभव था. ये विमान VSR Ventures Pvt Ltd एक प्राइवेट एविएशन कंपनी है. किराए पर एयरक्राफ्ट देने के अलावा ये एविएशन कंसलटेंसी में भी थे.
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