- असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका और इजरायल के ईरान हमले की कड़ी आलोचना की है
- ईरान पर हुए हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है
- ओवैसी ने रमजान के पाक महीने में और जिनेवा में वार्ता के दौरान हमले को निंदनीय और अनैतिक बताया है
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किये गए हमले की आलोचना की है. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. खामेनेई के कत्ल पर भड़के ओवैसी ने कहा कि ट्रंप और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले बेहद निंदनीय हैं, खासकर रमजान के पाक महीने में जब जिनेवा में ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता चल रही थी.
रमजान के मुबारक महीने में हमला
ओवैसी ने कहा, 'सबसे पहली बात तो यह है कि ट्रंप ने और बेंजामिन नेतन्याहू ने रमजान के मुबारक महीने में जब दुनिया भर के मुसलमान रमजान में रोजा रखते हैं, इबादत करते हैं, ऐसे समय ईरान पर हमला किया है. इन्होंने ये भी नहीं देखा कि ये मुबारक महीना रमजान का है. ईरान के ऊपर हुए हमले की हम मजम्मत करते हैं. और खासतौर से तब, जब जिनेवा में बातचीत के जरिए से एक ब्रेक थ्रू हुआ था. हो सकता था कि अगर वो बातचीत को मान लेते, तो जितने न्यूक्लियस स्टॉकपाइल्स थे ईरान के पास, वो शायद इस्तेमाल नहीं होते.'
हमले में 200 से ज्यादा लोगों की मौत
ईरान पर किये गए हमले में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 108 स्कूली बच्चियां भी मारी गई हैं. आयतुल्लाह ख़ामेनेई की भी मौत हो गई है. मैं इसे अनैतिक और अवैध मानता हूं. आयतुल्लाह ख़ामेनेई को ना सिर्फ शिया वर्ल्ड, बल्कि पूर कौम उनको अपना रहबर मानते थे. हम मानते हैं कि यह जंग खत्म होनी चाहिए और भारत सरकार को इसमें अपना रोल निभाने की जरूरत है. क्योंकि याद रखिए 10 मिलियन के करीब भारत के नागरिक गल्फ कंट्रीज में काम करते हैं.'
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अगर जल्द जंग न रुकी तो...
ईरानी सेना की ओर से कई गल्फ कंट्रीज पर हमले किये जा रहे हैं. ओवैसी ने कहा, 'ओमान के पोर्ट पर शायद एक इंडियन वर्कर जख्मी भी हुआ हैं. अगर ये जंग नहीं रुकेगी, तो फिर बहुत आगे बढ़ेगी. ये पूरे इलाके में फैल जाएगी, जिसके परिणाम का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है. कई भारत के लोग जो उमरा करने के लिए गए हैं, वे भी फंस गए होंगे.'
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साल 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की शनिवार को अमेरिका-इजराइल के हमलों में मौत हो गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में खामेनेई की मौत की सूचना दी और इसके कुछ घंटे बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी इसकी पुष्टि की.













