उत्तर राज करेगा, दक्षिण शासित रहेगा... महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोले ओवैसी

लोकसभा में महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर बोलते हुए AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "अगर ये तीनों बिल कानून बन गए, तो इस सदन में विपक्ष की आवाज़ कम हो जाएगी."

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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी.
नई दिल्ली:

गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा हुई. देर रात तक चली इस चर्चा में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए तीखे हमले किए. हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "मैं इस बिल की मुखालफत में खड़ा हूं. अगर ये तीन कानून बन जाएंगे तो विपक्ष की आवाज संसद में नहीं के बराबर होगी. आबादी के हिसाब से सीट दी जाएगी. मतलब जिसकी जितनी ज्यादा आबादी उसकी उतनी ज्यादा सीट और कम वाले की कम. अगर यूपी-बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान, हरियाणा को मिला लें तो यहां पर 392 सीट होगी, और मात्र सरकार बनाने के लिए मात्र 34 सीटों की जरूरत पड़ेगी. उत्तर भारतीय इन राज्यों में जीत दर्ज करने वाली पार्टी सरकार बनाएगी. ओवैसी ने कहा इस परिसीमन से उत्तर राज करेगा जबकि दक्षिण शासित रहेगा.

ये मुल्क को कमजोर करने की हरकत: ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि गृह मंत्री ने कहा कि तेलंगाना में 25 सीट होगी. मैं अपील करता हूं अगर आप वाकई सच्चे हैं तो मैंने एक अमेडेटमेंट मूव लेकर आया हूं आप सपोर्ट कर दीजिए उसे. जब कानून की बात हो रही है तो उसमें लिख क्यों नहीं रहे 50 फीसद वाली बात. लेकिन आप लिखते ही नहीं. ये मत करिए क्योंकि ये मुल्क को कमजोर करने की हरकत होगी.

उत्तर दक्षिण पर राज करेगा...परिसीमन पर ओवैसी का दावा

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच आर्थिक योगदान और कर ढांचे को लेकर बयान देते हुए कहा कि देश में उत्तर राज करेगा, जबकि खर्च दक्षिण वहन करेगा. ओवैसी ने कहा कि देश को मिलने वाले कुल टैक्स में 21 फीसदी हिस्सा दक्षिण भारत से आता है, जबकि भारत की जीडीपी में दक्षिण का योगदान करीब 30 फीसदी है. 

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अगर ये तीनों बिल कानून बने तो सदन में विपक्ष की आवाज खत्म हो जाएगीः ओवैसी

लोकसभा में महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर बोलते हुए AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "अगर ये तीनों बिल कानून बन गए, तो इस सदन में विपक्ष की आवाज़ कम हो जाएगी. अगर आप इस संविधान संशोधन विधेयक को डिलिमिटेशन बिल के साथ पढ़ें, तो सीटें आबादी के आधार पर बांटी जाएंगी. जिनकी आबादी ज्यादा होगी उन्हें ज्यादा सीटें मिलेंगी, जिनकी आबादी कम होगी उन्हें कम सीटें मिलेंगी. 

ओवैसी ने आगे कहा कि डिलिमिटेशन हर 10 साल में नहीं होगा. यह सेंसस के आधार पर नहीं होगा. बल्कि, सरकार तय करेगी कि डिलिमिटेशन होगा या नहीं... असलियत यह होगी कि उत्तर दक्षिण पर राज करेगा, उत्तर खर्च करेगा और दक्षिण देगा. दक्षिणी राज्य देश की GDP का 30 प्रतिशत हिस्सा हैं और देश का 21 प्रतिशत टैक्स रेवेन्यू दक्षिण से आता है... दक्षिण को अच्छे शासन की सज़ा मिल रही है..."

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उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022‑23 में दक्षिण भारत का योगदान 3.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि देश की कुल आबादी में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी केवल 19 फीसदी है. 

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