सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी संयुक्त अरब अमीरात व श्रीलंका के दौरे पर रवाना

द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने के तरीकों का पता लगाने के लिए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी यूएई और श्रीलंका की यात्रा पर द्विपक्षीय सैन्य सहयोग पर चर्चा करेंगे.
  • यूएई में जनरल द्विवेदी प्रमुख सैन्य अधिकारियों से मिलेंगे और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय का दौरा करेंगे.
  • श्रीलंका में रक्षा शिक्षा, सैन्य प्रशिक्षण और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने के लिए बैठकें होंगी.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने के तरीकों का पता लगाने के लिए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी रविवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की चार दिवसीय यात्रा पर रवाना हुए. दो देशों के अपने दौरे के पहले चरण में, जनरल द्विवेदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाएंगे, जहां वे इस प्रभावशाली खाड़ी देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता करेंगे. वे यूएई राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय सहित प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का भी दौरा करेंगे और अधिकारियों एवं सैनिकों से बातचीत करेंगे.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यह यात्रा भारत–यूएई के बढ़ते सामरिक संबंधों की निरंतरता को दर्शाती है. इससे दोनो देशों के बीच भविष्य में रक्षा सहयोग और मजबूत होगा. गौरतलब है कि हाल ही में यूएई थल सेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी ने भारत की आधिकारिक यात्रा की थी, जिसे दोनों सेनाओं के बीच संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना गया.

यात्रा के दौरान सेना प्रमुख डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे और बुट्टाला स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में अधिकारियों व प्रशिक्षुओं से बातचीत करेंगे. इससे रक्षा शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में भारत–श्रीलंका सहयोग को और मजबूती मिलेगी. वें आईपीकेएफ युद्ध स्मारक पर जाकर भारतीय सैनिकों के बलिदान को श्रद्धांजलि भी अर्पित करेंगे.

सेना प्रमुख का श्रीलंका दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब चीन और पाकिस्तान वहां अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. भारत का उद्देश्य स्वयं को श्रीलंका के लिए एक भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार,मुसीबत आने पर सबसे पहले मददगार और एक स्थायी मित्र के रूप में स्थापित करना है. यह यात्रा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका को सुरक्षा के क्षेत्र में भरोसा दिलाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. इस दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर भी साझा दृष्टिकोण विकसित करने की कोशिश की जाएगी.

वैसे सेना प्रमुख की श्रीलंका यात्रा दिसंबर के पहले सप्ताह में होनी थी, लेकिन ‘दित्वाह' तूफान से हुई तबाही के कारण राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए इसे टाल दिया गया था. उस समय भारत ने श्रीलंका की मदद के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु' शुरू किया था, जिसमें भारतीय सेना ने राहत और बचाव अभियान में काफी बढ़ चढ़ कर मदद की थी.

सेना ने कहा, “इन बैठकों का उद्देश्य दोनों सशस्त्र बलों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और रणनीतिक समझ को और मजबूत करना है.”

Advertisement

सेना ने कहा कि जनरल द्विवेदी की 5-6 जनवरी को खाड़ी देश की यात्रा आपसी समझ को गहरा करने और समान हितों के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है. जनरल द्विवेदी की यूएई यात्रा खाड़ी देश के प्रेसिडेंशियल गार्ड के कमांडर, मेजर जनरल अली सैफ हुमैद अलकाबी की भारत यात्रा के कुछ हफ्तों बाद हो रही है.

सेना प्रमुख का यह दौरा खाड़ी क्षेत्र में तेजी से हो रहे घटनाक्रमों के बीच हो रहा है, जिसमें यमन की स्थिति को लेकर संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के बीच बढ़ता तनाव भी शामिल हैं. दिसंबर 2020 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की यूएई यात्रा के बाद भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच सैन्य सहयोग को महत्वपूर्ण गति मिली.

Advertisement

भारतीय सेना के किसी प्रमुख द्वारा यूएई की यह पहली यात्रा थी. संयुक्त अरब अमीरात से जनरल द्विवेदी 7 से 8 जनवरी तक दो दिवसीय दौरे पर श्रीलंका जाएंगे. कोलंबो में वे रक्षा सचिव और श्रीलंका सेना के कमांडर सहित वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

सेना ने कहा कि चर्चा प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित पारस्परिक हित के मामलों पर होगी. सेना प्रमुख रक्षा सेवा कमान और स्टाफ कॉलेज (डीएससीएससी) में श्रीलंकाई सैन्य अधिकारियों और बुट्टाला में सेना युद्ध कॉलेज में प्रशिक्षुओं को भी संबोधित करेंगे.

Advertisement

जनरल द्विवेदी कोलंबो में भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. जुलाई 1987 से मार्च 1990 के बीच श्रीलंका में भारतीय शांति सेना की तैनाती के दौरान भारत ने लगभग 1,200 सैनिकों को खो दिया था.

Featured Video Of The Day
Nepal Riots Update: मस्जिद पर हमले के बाद सुलगी दंगों की आग! नेपाल में क्या हुआ? जानें | Masjid
Topics mentioned in this article