- गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू में जम्मू और कश्मीर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की
- बैठक में सड़क, जल विद्युत, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4G कनेक्टिविटी में प्रगति की व्यापक समीक्षा हुई
- शाह ने जल विद्युत परियोजनाओं को पूरी क्षमता से विकसित करने, जनकल्याण योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू में जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक के दौरान उन्होंने सड़क बुनियादी ढांचे, जल विद्युत परियोजनाओं, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4G और ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विकास की व्यापक समीक्षा की. बैठक में जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला, केन्द्रीय गृह सचिव और केन्द्र सरकार और जम्मू और कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
जल विद्युत परियोजनाओं को विकसित करने की ज़रूरत
अमित शाह ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार, एक विकसित और समृद्ध जम्मू और कश्मीर के विजन के प्रति कटिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा विकास में तेजी लाने के लिए किए जा रहे निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू और कश्मीर में विकास परियोजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है. जम्मू कश्मीर को जल विद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता को विकसित करने की ज़रूरत है. सरकार की जनकल्याण योजनाओं का 100% सैचुरेशन प्राप्त करना और सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिलना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए.
उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास के साथ जोड़ने के लिए स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना पर ध्यान दिया जाए. इस विषय में विभिन्न स्पोर्ट्स बॉडीज से बात करके लगभग 200 करोड़ रुपए के निवेश की कोशिश की जाएगी. शाह ने कहा कि National Dairy Development Board (NDDB) के माध्यम से जम्मू और कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास होने चाहिए.
वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मिलेगी मदद
एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, जम्मू और कश्मीर को पहली बार वित्त वर्ष 2025-26 में Special Assistance to States for Capital Investment (SASCI) योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 साल के ब्याज-मुक्त ऋण मिल सकेंगे. गृह मंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मज़बूत वित्तीय अनुशासन से समय के साथ केंद्रशासित प्रदेश के वित्तीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी.
अमित शाह ने कहा कि देश, वर्ष 2047 में आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, और भारत सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जम्मू और कश्मीर को पूरी सहायता देती रहेगी. गृह मंत्री अमित शाह का दौरा, भारत सरकार के जम्मू और कश्मीर के विकास, शांति और सुरक्षा को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है.














