अमेरिका में सिख समुदाय ने तीनों कृषि कानूनों करने पर की पीएम मोदी की तारीफ

‘सिख ऑफ अमेरिका' (Sikh of America) संगठन के जस्से सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिका में सिख समुदाय तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की तारीफ कर रहा है.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
पिछले एक साल से इन कानूनों को लेकर किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे थे.
नई दिल्ली:

भारत में तीनों कृषि कानूनों (Farms Law) के रद्द होने के बाद अमेरिका में सिख समुदाय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की तारीफ की और कहा कि उनके नेतृत्व में किसानों से जुड़े मुद्दों पर सही से ध्यान दिया गया. संसद में पिछले साल सितंबर में पारित तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए शीतकालीन सत्र के पहले दिन विधेयक पारित किया गया. अमेरिका में सिख समुदाय ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में किसानों से पिछले साल से इन कानूनों को लेकर मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे थे.

कृषि कानून वापसी बिल पारित होने पर बोले राकेश टिकैत, आंदोलन जारी रहेगा, सरकार हमसे बात करे

‘सिख ऑफ अमेरिका' (Sikh of America) संगठन के जस्से सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिका में सिख समुदाय तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले की तारीफ कर रहा है. प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत में सिख समुदाय और किसानों के हितों का संरक्षण किया है.''

प्रधानमंत्री मोदी पहले किसानों से माफी मांगें, फिर कृषि कानून वापस लें: भगवंत मान

बता दें, कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन आंदोलन खत्म करने के लिए उन्होंने पहले एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की मांग की है. उन्होंने आशंका व्यक्त की थी कि एमएसपी को (रद्द होने वाले) कानूनों में से एक के तहत खत्म कर दिया जाएगा, जिसे सरकार ने नकार दिया था.

Advertisement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन किया

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Delhi CM रेखा गुप्ता बनाएंगी रणनीति | Maha Kumbh का अखिरी रविवार | CT 2025 में भारत-पाक की महाटक्कर
Topics mentioned in this article