अल फलाह यूनिवर्सिटी कैसे बनी 'आतंकी डॉक्टरों का अड्डा', संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी उगलेगा राज, ED को 13 दिन की रिमांड

अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी पर अब शिकंजा कसता जा रहा है. दिल्ली ब्लास्ट केस में यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों का नाम आने के बाद से वो फरार था.

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Jawad Ahmed Siddiqui
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  • अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लांड्रिंग मामले में 13 दिन की रिमांड पर लिया
  • यूनिवर्सिटी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मान्यता संबंधी गड़बड़ियों का पता चला है जो जांच के दायरे में हैं
  • एनआईए दिल्ली ब्लास्ट में आतंकी डॉक्टरों के अल फलाह यूनिवर्सिटी से कनेक्शन की जांच कर रही है
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नई दिल्ली:

आतंकी डॉक्टरों का अड्डा बनी अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद अहमद सिद्दकी से अब ईडी राज उगलवाने की तैयारी में है. उसे ईडी ने मंगलवार रात साकेत कोर्ट में पेश किया था. कोर्ट ने उसे 13 दिन की ईडी की रिमांड पर भेजा था. जावेद 1 दिसंबर तक ईडी की रिमांड पर रहेगा. जावेद अहमद सिद्दीकी की अल फलाह यूनिवर्सिटी में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है. अल फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता को लेकर भी गंभीर गड़बड़ियां भी सामने आई थीं.

एक ओर एनआईए दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े आतंकी डॉक्टरों के अल फलाह कनेक्शन की जांच कर रही है. वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है. ईडी ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी के ओखला स्थित मुख्यालय और ट्रस्टियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. 

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गंभीर सवालों के घेरे में 

  • मामूली सा कॉलेज चलाने वाले जावेद अहमद सिद्दीकी ने कैसे इतनी पड़ी यूनिवर्सिटी खड़ी की
  • सिद्दीकी ने कैसे अल फलाह यूनिवर्सिटी के लिए  250 करोड़ रुपये जुटाए
  • अल फलाह यूनिवर्सिटी की मान्यता को लेकर दस्तावेजों में किसने और कैसे हेरफेर की
  • दिल्ली ब्लास्ट का अल फलाह यूनिवर्सिटी कनेक्शन सामने आने के बाद क्यों फरार हो गए 

अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी कई मुखौटा कंपनियों का पता चला है, जो सिर्फ कागजों पर ही अस्तित्व में थीं. माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार में किया गया. अल फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों का भी पूरा ब्योरा खंगाला जा रहा है. उसकी 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर पाई गईं, लेकिन उनमें कोई काम नहीं हो रहा था.

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7.5 करोड़ की धोखाधड़ी में जेल

अल फलाह समूह के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी 7.5 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है. सिद्दीकी पर आरोप था कि वो धन लेकर फर्जी दस्तावेजों के जरिये शेयर खरीदे गए. कागजी कंपनियों के नाम पर पैसा लेकर फंड को निजी खातों में भेजा गया.

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इंदौर का रहने वाला है सिद्दीकी

सिद्दीकी मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है. सिद्दीकी की अगुवाई वाला अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट ही अल फलाह यूनिवर्सिटी और अल फलाह मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद को चलाती है. यूनिवर्सिटी ने 1997 में इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू किया था और इसका कैंपस 78 एकड़ में है.

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