पश्चिम बंगाल के बाद अब झारखंड में भी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों को कोर्ट से राहत मिली है. झारखंड हाईकोर्ट ने ED के अधिकारियों के खिलाफ होने वाली FIR पर रोक लगा दी है. ईडी अधिकारियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में केस दर्ज किए जाने की तैयारी थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद अब इसपर रोक लग गई है.
कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर राज्य प्रशासन को कड़ी फटकार भी लगाई है. हाईकोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि वह कानून के खुले दुरुपयोग का मूक दर्शक नहीं बन सकता. कोर्ट की टिप्पणी ने ईडी के उस तर्क को मजबूत किया है कि यह FIR ₹23 करोड़ के पेयजल घोटाले की जांच को पटरी से उतारने के लिए दर्ज की गई एक काउंटर ब्लास्ट कार्रवाई थी, जिसे एक PMLA आरोपी ने साजिश के तहत अंजाम दिया.
ईडी दफ्तर और अधिकारियों की सुरक्षा पर भी कोर्ट गंभीर
हाईकोर्ट ने सिर्फ FIR पर रोक ही नहीं लगाई, बल्कि ईडी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि ईडी के जोनल ऑफिस और उसके अधिकारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त CISF बल तैनात किया जाए.इसके साथ ही कोर्ट ने झारखंड के गृह सचिव और रांची के SSP को साफ निर्देश दिए हैं कि ईडी परिसर और उसके अधिकारियों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं होनी चाहिए और पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
हाईकोर्ट का यह हस्तक्षेप ईडी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अदालत के इस आदेश से न सिर्फ अधिकारियों को कानूनी संरक्षण मिला है, बल्कि यह भी साफ संदेश गया है कि जांच एजेंसियों को डराने या दबाव में लाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.फिलहाल, इस आदेश से ₹23 करोड़ के पेयजल घोटाले की जांच बिना किसी बाधा के आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है और ईडी की संस्थागत गरिमा और स्वतंत्रता को न्यायिक संरक्षण मिला है.
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