जल बोर्ड के गड्ढ़े में गिरकर शख्स की मौत, दिल्ली सरकार ने तीन इंजीनियर को किया निलंबित

हैरानी की बात यह है कि सड़क के बीचों-बीच मौत का यह गड्ढा खुला पड़ा था, लेकिन न तो वहां कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था. अंधेरे में बाइक सवार कमल इस मौत के गड्ढे का शिकार हो गया. जब हादसा हो गया और एक शख्स की जान चली गई तो आनन-फानन में वहां 'पर्दे' लगा दिया. 

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जल बोर्ड के गड्ढे में गिरकर शख्स की हुई मौत
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  • दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए खुले गड्ढे में गिरने से कमल नामक व्यक्ति की मौत हो गई है
  • हादसे के समय गड्ढे पर न तो कोई बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था
  • कमल के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह रात भर गड्ढे में तड़पता रहा पर कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची
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नई दिल्ली:

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक खुले गड्ढे में गिरकर एक खश्स की मौत हो गई है. पुलिस ने मृतक की पहचान कमल के रूप में की है. कमल दिल्ली के पालम इलाके का रहने वाला था. जनकपुरी में हुए इस हादसे ने हाल ही में ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की याद दिला दी है. युवराज की मौत भी प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुआ था. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है. 

मौत का जाल: न बैरिकेडिंग, न चेतावनी

हैरानी की बात यह है कि सड़क के बीचों-बीच मौत का यह गड्ढा खुला पड़ा था, लेकिन न तो वहां कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था. अंधेरे में बाइक सवार कमल इस मौत के गड्ढे का शिकार हो गया. जब हादसा हो गया और एक शख्स की जान चली गई तो आनन-फानन में वहां 'पर्दे' लगा दिया. 

परिवार का गंभीर आरोप: "रात भर तड़पता रहा मेरा लाल"

मृतक कमल के परिजन का कहना है कि कमल रात भर उस गड्ढे में गिरकर तड़पता रहा, लेकिन उसे बचाने के लिए कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची. परिजन रात भर उसकी तलाश में एक नहीं, बल्कि दर्जनभर थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की. सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने फोन कर शव मिलने की सूचना दी. कमल के भाई ने बताया, "ये साफ लापरवाही है, मंगोलपुर, रोहिणी, जनकपुरी समेत 7-8 थानों के चक्कर लगाए. दिल्ली पुलिस ने काफी मान-मनुहार के बाद मोबाइल फोन ट्रेसिंग के बाद कहा कि ये जनकपुरी के 200 मीटर के एरिया में लोकेशन है, ढूंढ़ सको तो खोज लो. फिर सुबह 6.30 बजे पुलिस ने फोन कर कहा कि उनका भाई गड्ढे में गिर गया है.

कौन था कमल?

रोहिणी के HDFC बैंक में नौकरी करता था. रोज 11 बजे तक शिफ्ट होती थी. घर वालों से आखिरी कॉल में बोला था कि जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर हूं, 10 मिनट में घर आ रहा हूं. परिजन रात भर उसकी तलाश में एक नहीं, बल्कि दर्जनभर थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई मदद नहीं की. सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने फोन कर शव मिलने की सूचना दी. कमल के भाई ने बताया, 'ये साफ लापरवाही है, मंगोलपुर, रोहिणी, जनकपुरी समेत 7-8 थानों के चक्कर लगाए. दिल्ली पुलिस ने काफी मान-मनुहार के बाद मोबाइल फोन ट्रेसिंग के बाद कहा कि ये जनकपुरी के 200 मीटर के एरिया में लोकेशन है, ढूंढ़ सको तो खोज लो. फिर सुबह 6.30 बजे पुलिस ने फोन कर कहा कि उनका भाई गड्ढे में गिर गया है. 

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