पीएम मोदी से मिलने के लिए रची थी साजिश, 6 साल बाद हुआ गिरफ्तार

मुंबई पुलिस ने पीएम नरेंद्र मोदी को 6 साल पहले झूठी धमकी देने वाले एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने काशीनाथ गुणाधार मंडल को मुंबई से अरेस्ट किया है.

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मुंबई पुलिस ने काशीनाथ गुणाधार मंडल को किया गिरफ्तार
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  • मुंबई पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ झूठी धमकी देने के आरोपी को पकड़ा है
  • आरोपी काशीनाथ गुणाधर मंडल 6 साल से भगोड़ा था और मुंबई में रह रहा था
  • 27 जुलाई 2018 को मंडल ने किया था झूठा कॉल, पीएम से मिलना चाहता था
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मुंबई:

मुंबई के डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन की टीम ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने कई साल पहले प्रधानमंत्री पर केमिकल अटैक की झूठी धमकी देकर सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा दिया था. आरोपी का नाम काशीनाथ गुणाधर मंडल (29) है, जो झारखंड के दुमका जिले के नारायणपुरा गांव का रहने वाला है. उसे मुंबई के कालाचौकी इलाके के अभ्युदय नगर स्थित जिजामाता नगर से गिरफ्तार किया गया.

2018 का है मामला 

पुलिस के मुताबिक यह मामला 27 जुलाई 2018 का है. उस दिन शाम करीब 5:33 बजे आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से दिल्ली में स्थित एनएसजी (NSG) कंट्रोल रूम में कॉल किया और कहा कि पीएम साहब के ऊपर केमिकल अटैक होने वाला है.

सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट 

इस फोन कॉल के बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं और मामले की जांच शुरू की गई.जांच में सामने आया कि यह कॉल झूठी थी और समाज में डर का माहौल पैदा करने के इरादे से की गई थी. इसके बाद डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 505(1), 505(2) और 182 के तहत मामला दर्ज किया गया. शुरुआत में इस मामले में एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने आरोपी को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई. जमानत मिलने के बाद आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुआ. इसके चलते अदालत ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी कर दिया.

6 साल तक फरार रहा था शख्स 

पुलिस का कहना है कि वारंट जारी होने के बाद आरोपी करीब पांच से छह साल तक फरार रहा. इस दौरान वह लगातार सिम कार्ड बदलता रहा और अपना ठिकाना छिपाकर रखता था, ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम उसके झारखंड स्थित गांव भी पहुंची थी, लेकिन वहां उसका कोई पता नहीं चला. पुलिस का आरोप है कि उसके परिवार वालों ने भी जांच में ज्यादा सहयोग नहीं किया.

मुखबिर ने दे दी सटीक जानकारी 

बाद में तकनीकी जांच और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी फिर से मुंबई लौट आया है और कालाचौकी इलाके में छिपकर रह रहा है. सूचना मिलने के बाद डीबी मार्ग पुलिस की क्राइम डिटेक्शन टीम ने इलाके में तलाश शुरू की और आरोपी को जिजामाता नगर, कालाचौकी से पकड़ लिया. उस समय वह एक इमारत में पानी सप्लाई से जुड़ा काम कर रहा था. पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए उसे हिरासत में लिया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया.

आरोपी ने बताया, पीएम से मिलना चाहता था 

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह प्रधानमंत्री से मिलना चाहता था. इसके लिए उसने कई बार पत्र भी लिखे थे, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिला. पुलिस के अनुसार, ध्यान आकर्षित करने और किसी तरह प्रधानमंत्री से मिलने की उम्मीद में ही उसने यह झूठी धमकी वाला फोन कॉल किया था. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर चुका है और गुजारा करने के लिए मोबाइल शॉप और मेडिकल स्टोर में भी छोटे-मोटे काम करता रहा है.

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