लोकसभा में 45 मिनट तक बवाल: नरवणे की किताब पर राहुल बनाम राजनाथ‑शाह, सदन की कार्यवाही ठप

राहुल गांधी 1:25 बजे जैसे ही बोले, लोकसभा में लगभग 45 मिनट तक लगातार हंगामा होता रहा. वे बार‑बार जनरल नरवणे की अप्रकाशित किताब और Caravan लेख का उल्लेख कर रहे थे, जिस पर गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगातार आपत्ति दर्ज कर रहे थे. स्पीकर कई बार रोकते रहे, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ.

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  • राहुल ने लोकसभा में पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक और Caravan लेख का बार-बार हवाला दिया.
  • गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के भाषण पर लगातार आपत्ति जताई.
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन के नियमों का हवाला देते हुए अप्रकाशित सामग्री को कोट करने पर रोक लगाई.
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लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण ने सदन में लगभग 45 मिनट तक गतिरोध पैदा कर दिया. राहुल गांधी दोपहर 1:25 बजे बोलने के लिए खड़े हुए थे, लेकिन उनका भाषण लगातार विवादों में घिरा रहा.

नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक और Caravan लेख का लगातार ज़िक्र

राहुल गांधी बार‑बार पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक और Caravan पत्रिका के लेख का हवाला दे रहे थे. यही बात सत्ता पक्ष को लगातार खटकती रही और हंगामा तेज होता गया.

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गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की लगातार आपत्तियां

राहुल गांधी की हर टिप्पणी पर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू बार‑बार आपत्ति दर्ज कर रहे थे. राजनाथ सिंह ने यह भी सवाल उठाया, 'किताब प्रकाशित ही नहीं हुई, तो इसका हवाला कैसे दिया जा सकता है?'

स्पीकर ने कई बार रोका, रूलिंग भी दी

स्पीकर ने राहुल गांधी को कई बार टोका और सदन के नियमों का हवाला देते हुए रूलिंग दी कि अप्रकाशित सामग्री को सदन में उद्धरित (quote) करना नियमों के खिलाफ है. इसके बावजूद राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे, जिससे हंगामा और बढ़ गया.

राहुल की प्रतिक्रिया- 'तो आप ही बता दीजिए मैं क्या बोलूं'

स्पीकर द्वारा बार-बार रोके जाने पर राहुल गांधी ने कहा, 'आप ही बता दीजिए कि मैं क्या बोलूं.' सत्ता पक्ष ने इसे सदन की मर्यादा के विरुद्ध बताया, जबकि विपक्ष का कहना था कि चीन से जुड़े तथ्य अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और चर्चा रोकी जा रही है.

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दरअसल, बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण के बाद राहुल ने बोलना शुरू किया था. उन्होंने कहा कि कि तेजस्वी ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप लगाए और हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाए. इस पर राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा को कोट करना शुरू किया. राहुल ने कहा कि नरवणे की आत्मकथा एक मैग्जीन में छपी है. 

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तेजस्वी सूर्या के भाषण के बाद बोलने आए राहुल

राहुल गांधी ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप लगाए, हमारी देशभक्ति पर सवाल उठाए. इसके बाद राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा को कोट करना शुरू किया. राहुल ने कहा कि आप समझेंगे कि कौन है देशभक्त. वो कहते हैं कि चीनी टैंक भारतीय पोजशीन में कैलाश रेंज के कुछ सौ मीटर ही दूर थे.

संसद में भरपूर हंगामा

इसके बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष के नेता ये बताएं कि वो इन बातों का सोर्स क्या है. इस पर राहुल ने नरवणे की किताब का हवाला दिया. इस पर राहुल ने कहा कि क्या वह पुस्तक प्रकाशित हुई है. यदि प्रकाशित हुई तब तो आप उल्लेख करिए, नहीं प्रकाशित हुई तो उल्लेख करने का मतलब नहीं है. 

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इसके बाद राहुल फिर नहीं रुके, उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह इसलिए नाराज हो रहे हैं क्योंकि उनका यहां नाम लिया जाएगा. राजनाथ ने फिर कहा कि ये प्रकाशित हुई है या नहीं. 

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स्पीकर ने किया नियम 349 का जिक्र

इतना ही नहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सदन के नियम 349 का जिक्र किया. स्पीकर ओम बिरला ने इस दौरान कहा अखबार की कटिंग या अप्रकाशित किताबों पर चर्चा करने की परंपरा नहीं है. सदन की कार्यवाही नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है. 

'किताब प्रकाशित नहीं हुई तो कोट कैसे कर रहे?'

राजनाथ ने कहा कि नहीं हुई तो किस पुस्तक से ये उल्लेख कर रहे हैं. इस पर बिड़ला ने कहा कि रक्षा मंत्री ऑथेंटिक बात कर रहे हैं, आप ये बताइए कि ये पुस्तक प्रकाशित हुई है या नहीं. आप बोलें लेकिन तथ्यपरक बात कहें. राहुल नरवणे का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि उसमें पीएम और रक्षा मंत्री के बारे में लिखा गया है. मैं उसी का जिक्र कर रहा हूं. इस पर राजनाथ ने कहा कि वो किताब प्रकाशित नहीं हुई है. 

इसके बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस सदन में व्यवस्था है कि किताब को कोट किया गया है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रक्षा मंत्री इतना ही कह रहे हैं कि नरवणे की पुस्तक प्रकाशित हुई है कि नहीं. इतना स्पष्ट करें नरवणे की पुस्तक है कि नहीं, मैग्जीन तो कुछ भी लिख सकता है. 

'नरवणे की किताब प्रकाशित नहीं होने दी गई'

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदस्यगण इन सदन की नियम और परंपरा है कि अखबार की कटिंग और कटिंग के अलावा उन चीजों पर मेंशन नहीं कर सकते हैं जो कुछ ऑथेंटिक नहीं है. राहुल ने कहा कि ये गारंटी तथ्यपरक है. उन्होंने कहा कि नरवणे ने कहा कि ये उनकी आत्मकथा है और सरकार उसको प्रकाशित नहीं होने दे रही है, इस पुस्तक में नरवणे ने राजनाथ सिंह और पीएम मोदी के बारे में लिखा है.

अमित शाह ने कहा कि विवाद राहुल गांधी ने समाप्त कर दिया है, उन्होंने खुद कहा कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है उसका सदन में जिक्र कैसे हो सकता है. इसपर बिरला ने कहा कि अगर प्रकाशित हुई भी हो तो यहां चर्चा नहीं हो सकती है. 

हंगामे के बीच बोलने को खड़े हुए अखिलेश 

इस बीच समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव भी बोलने को खड़े हुए. उन्होंने कहा कि राहुल को उनकी बात रखने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि चीन का सवाल बहुंत सेसेंटिव है, कोई सुझाव देश के हित में है तो मैं समझता हूं कि विपक्ष को पढ़ना चाहिए. ये काफी संवेदनशील है, लोहिया, फर्नाडीज और नेताजी ये बात कहते रहे कि चीन से सावधान रहना है. 

काफी कोशिश करने के बाद भी लोकसभा में लगातार हंगामा होता रहा और लोकसभा अध्यक्ष ने दोपहर 2 बजकर 9 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

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