बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी को लागू किया था. यह उनकी महत्वाकांक्षी योजना थी जिसके अब 10 साल पूरे हो गए हैं. साल 2016 में बिहार में शराबबंदी कानून लागू किया गया था. इस कानून को काफी सराहा गया, हालांकि शराब के शौकिनों की वजह से प्रदेश में शराब की तस्करी भी काफी जोर शोर से हो रही है. शराबबंदी को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं. इसके बावजूद प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में करोड़ों के शराब बरामद किए जाए रहे हैं. जबकि तस्करी के अलग-अलग तरीके अपनाए जा रहे हैं.
10 साल से लागू शराबबंदी के दौरान पूरे बिहार में लाखों की संख्या में अब तक मामले दर्ज हो चुके हैं. जबकि पुलिस कार्रवाई के दौरान लाखों की संख्या में लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.
कितनी गिरफ्तारियां और कितने केस दर्ज
बिहार में 1 अप्रैल 2016 को शराबबंदी कानून लागू किया गया था. यह कानून जेडीयू-बीजेपी की संयुक्त सरकार में ही लागू किया गया था. शराबबंदी कानून को 10 साल पूरे हो गए हैं. इस कानून के तहत अब तक 11 लाख से अधिक मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. जबकि गिरफ्तारी की बात की जाए तो अब तक 17 लाख से भी ज्यादा लोग इस कानून को तोड़ने के लिए गिरफ्तार हो चुके हैं. बता दें, शराबबंदी कानून के तहत शराब को बेचना-खरीदना और पीना सभी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव ने सोमवार (27 अप्रैल) को पत्रकारों को बताया कि 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक शराबबंदी से संबंधित कुल 11 लाख 37 हजार 731 मामले दर्ज किए गए हैं, जिसमें विभाग द्वारा 5 लाख 60 हजार 639 और पुलिस द्वारा 5 लाख 77 हजार 92 मामले दर्ज किए गए. इस दौरान कुल 17 लाख 18 हजार 58 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.
98 प्रतिशत शराब नष्ट किया गया
अजय यादव ने जानकारी दी कि मार्च 2026 तक कुल जब्त शराब का लगभग 98 प्रतिशत नष्ट किया जा चुका है. 1 अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक कुल 1 लाख 67 हजार 447 वाहनों को जब्त किया गया, जिनमें से 80 हजार 207 वाहनों की नीलामी हो चुकी है और 25,232 वाहनों को पेनाल्टी लेकर मुक्त किया गया है.
इधर, बताया गया कि मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने दस्तावेज निबंधन के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग ने 8 हजार 403 करोड़ 46 लाख रुपये का राजस्व संग्रहित किया है, जो निर्धारित लक्ष्य 8 हजार 250 करोड़ रुपये के विरुद्ध 101.86 प्रतिशत है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी राजस्व संग्रह लक्ष्य निर्धारित किया है.
विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने सोमवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन यानी 31 मार्च को एक दिन में कुल 14,905 दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे 107 करोड़ 74 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)













