World Sleep Day 2026: बिना डॉक्टर की सलाह नींद की दवा लेना पड़ सकता है भारी, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Taking sleeping pills without consulting a doctor: तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण आजकल कई लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं. अनिद्रा या नींद न आने की परेशानी होने पर कुछ लोग तुरंत नींद की गोलियों का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की दवाइयों का ज्यादा इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है.

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Taking sleeping pills without consulting a doctor
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Taking sleeping pills without consulting a doctor: तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव (Tension) और अनियमित दिनचर्या के कारण आजकल कई लोग नींद की समस्या से जूझ रहे हैं. अनिद्रा (Insomnia) या नींद न आने की परेशानी होने पर कुछ लोग तुरंत नींद की गोलियों का सहारा लेने लगते हैं. हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के नींद की दवाइयों का ज्यादा इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. आकाश हेल्थकेयर के डॉ. अक्षय बुधराजा बता रहे हैं नींद की दवाई से जुड़ी कुछ जरूरी बातें.

नींद की गोलियों से शरीर में क्या-क्या साइड इफेक्टस् होते हैं ?

नींद की गोलियां अस्थायी रूप से नींद लाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं. लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल करने से शरीर इन पर निर्भर हो सकता है और व्यक्ति को बिना दवा के नींद आने में कठिनाई होने लगती है. नींद की गोलियों के अधिक सेवन से कई तरह के साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं. इनमें दिनभर सुस्ती रहना, चक्कर आना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और याददाश्त कमजोर होना शामिल हैं. कुछ मामलों में इन दवाओं का अधिक उपयोग मानसिक भ्रम, संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा भी बढ़ा सकता है, खासतौर पर बुजुर्गों में.

कई बार लोग तनाव, चिंता या काम के दबाव के कारण नींद की समस्या का सामना करते हैं, लेकिन इसकी मूल वजह को समझे बिना केवल दवाइयों पर निर्भर रहना सही नहीं है. जीवनशैली में बदलाव, तनाव प्रबंधन और सही स्लीप हाइजीन अपनाने से भी नींद की समस्या को काफी हद तक सुधारा जा सकता है. 

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डॉक्टर की सलाह से ही क्यों लेनी चाहिए नींद की दवा?

नींद की गोलियां केवल सीमित समय के लिए और डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए. इन दवाओं का लंबे समय तक उपयोग करने से शरीर में निर्भरता विकसित हो सकती है और व्यक्ति को बिना दवा के नींद आना मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा कुछ लोगों में इससे याददाश्त की समस्या, चक्कर और दिन में अत्यधिक नींद आने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं. इसलिए सबसे पहले नींद की समस्या के मूल कारण को समझना और उसका सही इलाज करना जरूरी है.”

डॉक्टर आमतौर पर तभी नींद की दवा लेने की सलाह देते हैं, जब किसी व्यक्ति को लंबे समय से गंभीर अनिद्रा की समस्या हो और जीवनशैली में बदलाव के बावजूद स्थिति में सुधार न हो रहा हो. कुछ मामलों में सर्जरी के बाद, गंभीर तनाव या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के दौरान भी सीमित समय के लिए नींद की दवाएं दी जा सकती हैं.

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अच्छी नींद के लिए अपनाएं ये आसान आदतें

बेहतर नींद के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति अपनी दिनचर्या को संतुलित बनाए. रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत डालना, सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करना और कैफीन का सेवन सीमित करना फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा नियमित व्यायाम, योग और ध्यान भी अच्छी नींद पाने में मदद करते हैं. यदि किसी व्यक्ति को लगातार नींद आने में परेशानी हो रही है, तो उसे खुद से दवाइयां लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. सही समय पर सही उपचार से नींद की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है और नींद की गोलियों पर निर्भरता से बचा जा सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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