World Rabies Day 2024: विश्व रेबीज दिवस की थीम के साथ जानें क्यों मनाया जाता है ये दिन, महत्व और जानवर के काटने पर क्या करें

World Rabies Day 2024: यहां हमने वर्ड रेबीज डे की थीम, इतिहास और महत्व के बारे में बताया है. साथ ही जानवर के काटने की स्थिति में क्या करें ये भी जानें.

Advertisement
Read Time: 4 mins

World Rabies Day: रेबीज एक घातक वायरल बीमारी है जो मनुष्यों सहित स्तनधारियों के सेंट्रल नर्व्स सिस्टम को प्रभावित करती है. यह मेनली संक्रमित जानवर के काटने या खरोंचने से फैलता है, क्योंकि वायरस लार में मौजूद होता है. प्रारंभिक उपचार जरूरी है, क्योंकि रेबीज के संपर्क में आने के बाद कई वैक्सीनेशन रोग को बढ़ने से रोक सकते हैं. रेबीज की रोकथाम के बारे में जागरूकता बढ़ाने और दुनिया भर में इस बीमारी को खत्म करने के प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है. यहां हमने वर्ड रेबीज डे की थीम, इतिहास और महत्व के बारे में बताया है. साथ ही जानवर के काटने की स्थिति में क्या करें ये भी जानें.

यह भी पढ़ें: क्या महिलाओं के मुकाबले पुरुषों को यौन इच्छा ज्यादा होती है? जानिए जवाब में एक्सपर्ट ने क्या कहा...

वर्ल्ड रेबीज डे की थीम (World Rabies Day Theme)

विश्व रेबीज दिवस 2024 के लिए थीम, "रेबीज सीमाओं को तोड़ना" रखी गई है, जिसका चयन रेबीज की रोकथाम और मौजूदा सीमाओं से आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर देने के लिए किया गया था.

वर्ल्ड रेबीज डे की इतिहास (World Rabies Day History)

विश्व रेबीज दिवस 2007 में रेबीज की रोकथाम को लेकर अपनी तरह के पहले वैश्विक कार्यक्रम के रूप में शुरू किया गया था. यह पहल ऐसे समय में की गई थी जब रेबीज हर साल दसियों हजार लोगों की मौत का कारण बन रहा था, खासकर विकासशील देशों में जहां मेडिकल केयर और पशु टीकाकरण तक पहुंच सीमित है. इस कार्यक्रम ने ज्यादा सुलभ पोस्ट-एक्सपोजर ट्रीटमेंट और पालतू जानवरों के टीकाकरण की वकालत करने में बड़ी भूमिका निभाई है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: बुढ़ापा रहेगा कोसो दूर लंबी हो जाएगी आपकी लाइफ, न्यूट्रिशनिस्ट ने शेयर किए सीक्रेट टिप्स आप भी कर लें नोट

Advertisement

वर्ल्ड रेबीज डे का महत्व (world Rabies Day Significance)

इस दिन का महत्व इस फैक्ट में निहित है कि रेबीज एक रोकथाम योग्य बीमारी है और फिर भी, यह हर साल 59,000 से ज्यादा लोगों की जान ले रही है, ज्यादातर अफ्रीका और एशिया के ग्रामीण क्षेत्रों में. जागरूकता फैलाकर, विश्व रेबीज दिवस जानवरों को टीका लगाने, काटने की रोकथाम के बारे में जनता को शिक्षित करने और पोस्ट-एक्सपोजर ट्रीटमेंट तक जल्दी पहुंच सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देता है. इसका उद्देश्य 2030 तक कुत्तों से होने वाली रेबीज से होने वाली मानव मृत्यु को समाप्त करना है.

Advertisement

जानवरों के काटने पर क्या करें?

जैसे ही आपको कोई जानवर काटता या खरोंचता है, घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह से धोएं. इससे वायरल लोड कम होता है, जिससे संक्रमण का जोखिम काफी कम हो जाता है.

Advertisement

घाव को साफ करने के बाद, आयोडीन घोल या अल्कोहल-बेस्ड कीटाणुनाशक जैसे एंटीसेप्टिक लगाएं. इससे घाव को और ज्यादा कीटाणुरहित करने और जीवाणु संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है.

अगर काटने का घाव गहरा है और खून बह रहा है, तो खून बहने से रोकने के लिए साफ कपड़े या पट्टी से हल्का दबाव डालें. अगर खून बहना बहुत ज़्यादा है या रुकता नहीं है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.

घाव को ढकने और उसे गंदगी और बैक्टीरिया से बचाने के लिए स्टेराइल पट्टी या साफ कपड़े का इस्तेमाल करें. सुनिश्चित करें कि पट्टी बहुत ज्यादा टाइट न हो, ताकि हवा का संचार हो सके और घाव भरने में मदद मिले.

काटने की गंभीरता चाहे जो भी हो, डॉक्टर से सलाह लें या इमरजेंसी रूम में जाएं. रेबीज एक गंभीर स्थिति है जिसके लिए तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है, खासकर अगर काटने का घाव किसी अज्ञात या बिना टीकाकरण वाले जानवर ने हुआ हो.

अगर जानवर के पागल होने की कोई संभावना है, तो आपको तुरंत रेबीज के टीके लगवाने शुरू करने होंगे. यह पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) अगर समय रहते दिया जाए तो बीमारी को रोकने में बहुत कारगर है.

जानवरों के काटने से खास तौर पर जंगली जानवरों के काटने से घाव में बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं, जिससे टेटनस का खतरा बढ़ जाता है. सुनिश्चित करें कि आपका टेटनस शॉट अप-टू-डेट है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
IND vs BAN, 2nd Test: Kanpur Test के पहले दिन बारिश के कारण धुला मैच, फैंस दिखे मायूस