Delhi Rain Weather Forecast: दिल्ली-NCR में 23 जनवरी की सुबह हुई बारिश ने मौसम के मिजाज को पूरी तरह से बदल दिया है. मकर संक्रांति के बाद ठंडक में आई कमी से लोगों को लगा था कि अब सर्दी खत्म है. लेकिन आज सुबह की बारिश ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया है. दिल्ली और नोएडा समेत कई इलाकों में अचानक से ही मौसम ने मिजाज बदला है. आपको बता दें कि इस बारिश ने प्रदूषण से थोड़ी राहत दिलाई है लेकिन ऐसा करने से सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियों का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है.
बता दें कि बारिश और बदलते मौसम के साथ ठंड का असर ज्यादा महसूस होने लगता है. जिसके चलते सर्दी, खांसी, जुकाम, फीवर, गले में खराश और फंगल इंफेक्शन जैसी कई अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं. बता दें कि खासकर इस तरह का मौसम बच्चों और बड़े-बुजुर्गों के लिए और जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है उनके लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित होता है. तो चलिए आपको बताते हैं इस बदलते मौसम में आपको किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए.
बदलते मौसम में कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल
कपड़ों का ध्यान रखें
बता दें कि बारिश के बाद अचाकर बढ़ी ठंड को लोग नजरअंदाज करने की गलती कर देते हैं. यही लापरवाही बाद में सर्दी-खांसी और दूसरी समस्याओं की वजह बन सकती है. इसलिए आप सुबह और शाम के समय गर्म कपड़े पहनें.
गीले कपड़ों से बचें
अगर आप बारिश में भीग गए हैं तो आप गीले कपड़ें को फौरन बदल लें. लंबे समय तक गीले कपड़े पहने रहने से आपको ठंड लग सकती है. अगर आपके जूते और मोजे भी गीले हो गए हैं तो उनको अच्छी तरह से सुखाने के बाद ही पहनें.
इम्यूनिटी मजबूत रखें
अगर आपकी इम्यूनिटी अच्छी है तो आप बारिश और ठंड के मौसम में होने वाली बीमारियो से बहुत हद तक खुद को बचाकर रख सकते हैं. इसके लिए आप अपनी डाइट में विटामिन सी से भरपूर चीजों का सेवन करें. इसके अलावा आप अदरक, लहसुन, हल्दी और काढ़ों का सेवन करें. इसके साथ ही आप पूरे दिन गुनगुने पानी का सेवन करें.
खानपान का रखें ध्यान
इस मौसम में तला-भुना, ऑयली और जंक फूड खाने का मन ज्यादा करता है. लेकिन अगर आप बाहर से इन चीजों का सेवन करते हैं तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे मौसम में आप फ्रेश, गर्म और लाइट खाना खाएं.
हल्के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर आपको छींक आ रही है, गले में दर्द हो रहा है, हल्का बुखार है या बॉडी में पेन हो तो इन चीजों को इग्नोर ना करें. तुरंत डॉक्टर से जाकर मिलें और उनकी सलाह पर दवाओं का सेवन करें.
History of Samosa- Swaad Ka Safar | समोसे का इतिहास | जानें ईरान से भारत कैसे पहुंचा समोसा
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














