Noise Cancellation Headphones: आज के समय में हर दूसरा इंसान Noise Cancellation हेडफोन्स का इस्तेमाल कर रहा है. गाने सुनने हों, मूवी देखनी हो या बाहर का शोर बंद करना हो इन सभी चीजों में इसका इस्तेमाल किया जाता है, ताकि बिना किसी डिस्टर्बेंस के वो अपने काम कर पाएं. किसी शोर से बचने में ये डिवाइस बेहद काम आती है और बहुत काम की लगती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अपने कंफर्ट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ये हेडफोन्स आपकी सेफ्टी के लिए खतरा भी बन सकते हैं?
कैसे काम करते हैं ये हेडफोन्स
आपको बता दें कि जब आप लंबे समय तक नॉइस कैंसिलेशन हेडफोन्स का इस्तेमाल करते हैं तो धीरे-धीरे बाहर की आवाजें आनी कम होने लगती हैं. जब आप ड्राइव करते हैं और कान में हेडफोन्स लगे रहते हैं और पास से कोई कार या बाइक निकलती है तो उसकी आवाज समझ नहीं आती. एक शख्स ने अपने पर्सनल एक्सपिरियंस से बताया कि हेडफोन्स लगाने की वजह से ट्रैफिक में हॉर्न सुनने में देर हो जाती थी. यहां तक कि सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय भी बैलेंस बिगड़ने लगा और कई बार वे दो-तीन सीढ़ियां एक साथ उतर गए. कई बार नियर एक्सीडेंट की स्थिति भी बनी. इन सब समस्याओं के बाद जब वो डॉक्टर के पास गए तो उसनें उन्हें हेडफोन्स का कम इस्तेमाल करने की सलाह दी.
क्या है “ब्रेन गैप” का मामला?
डॉक्टर्स के अनुसार लगातार नोइस कैंसिलेशन मोड में रहने से एक तरह का “ब्रेन गैप” बन सकता है. इसका मतलब है, आवाज सुनने और शरीर के रिएक्शन के बीच का समय बढ़ जाना. आम तौर पर जब हम हॉर्न या ब्रेक की आवाज सुनते हैं तो हमारा दिमाग तुरंत शरीर को अलर्ट करता है. हम ब्रेक लगाते हैं, रुकते हैं या रास्ता बदलते हैं.
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लेकिन अगर ये आवाज हमारे कान तक ही नहीं पहुंचेगी तो दिमाग को चेतावनी नहीं मिलेगी या फिर देर से मिलेगी. जिससे रिएक्शन मिलने में भी समय लग सकता है और एक्सीडेंट होने का खतरा बढ़ सकता है.
कान का बैलेंस सिस्टम भी होता है प्रभावित
हमारे इनर ईयर में दो हिस्से काम करते हैं. वेस्टिब्यूल (जो बैलेंस संभालता है) और कॉकलिया (जो आवाज प्रोसेस करता है). दोनों आपस में जुड़े होते हैं. जब आवाज का इनपुट कम हो जाता है तो बैलेंस सिस्टम के रिस्पॉन्स पर भी असर पड़ सकता है. यही वजह है कि कुछ लोगों को सीढ़ियां उतरते समय या चलते समय हल्की गड़बड़ी महसूस होती है.
भारत जैसे ट्रैफिक में ज्यादा खतरा
भारत के ट्रैफिक की बात करें तो यहां पर गाड़ी चलाने के लिए लोगों के बीच डिसिप्लिन पहले से ही कमजोर है. लोग गलत साइड से गाड़ी चलाने लगते हैं, अचानक से टर्न ले लेंगे, अचानक से ब्रेक लगा देते हैं. ऐसे में अगर आप पैदल चल रहे हैं या साइकिल चला रहे हैं और नॉइस कैंसिलेशन ऑन है, तो खतरा और बढ़ सकता है.
क्या नॉइस कैंसिलेशन हमेशा गलत है?
अगर आप सोच रहे हैं कि ये सब जानने के बाद अब आप कभी इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे. तो ऐसा नहीं है. नॉइस कैंसिलेशन हमेशा गलत नहीं होता है. कुछ कंडीशंस में ये लाभदायी हो सकता है. अगर आप बहुत तेज म्यूजिक वाले फंक्शन, शादी या कंसर्ट में हैं, या ऐसी इंडस्ट्री में काम करते हैं जहां लगातार तेज आवाज होती है, तो ऐसे में नॉइस कैंसिलेशन हेडफोन आपके कानों को इस शोर से बचाकर कर रख सकता है. टिनेटस जैसी समस्या में भी डॉक्टर इसका इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं.
क्या करें?
- ड्राइव करते समय या सड़क पर चलते हुए नोइस कैंसिलेशन से बचें
- वॉल्यूम कम रखें
- जरूरत हो तभी इस्तेमाल करें
- सेफ्टी को एंटरटेनमेंट से ऊपर रखें
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














