Nipah Update: भारत में निपाह वायरस के नए मामलों की खबर सामने आते ही स्वास्थ्य एजेंसियों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. यह बीमारी भले ही दुर्लभ हो, लेकिन इसकी गंभीरता और मृत्यु दर इसे बेहद खतरनाक बनाती है. ऐसे समय में जब दुनिया पहले ही कई संक्रामक बीमारियों का सामना कर चुकी है, निपाह वायरस की मौजूदगी एक बार फिर सतर्क रहने की चेतावनी देती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि शुरुआती पहचान, सावधानी और सही जानकारी ही इस तरह की बीमारियों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है.
ब्रिटिश मीडिया द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस फैलने की खबर मिली है. इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रोकथाम के उपाय लागू किए हैं. करीब 100 लोगों को होम क्वारंटाइन में रखा गया है, ताकि संक्रमण आगे न फैले. वहीं, एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे विशेष निगरानी में रखा गया है.
निपाह वायरस क्या है और क्यों है खतरनाक?
- निपाह वायरस पहली बार 1998 में मलेशिया में पहचाना गया था.
- यह एक जूनोटिक बीमारी है, यानी जानवरों से इंसानों में फैलती है.
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे जानलेवा बीमारियों की श्रेणी में रखा है.
- यह वायरस मुख्य रूप से चमगादड़ों से फैलता है.
- दूषित फल, भोजन या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से संक्रमण हो सकता है.
पड़ोसी देशों में क्यों बढ़ी सख्ती?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाईलैंड ने कई प्रमुख हवाई अड्डों पर स्वास्थ्य जांच को और सख्त कर दिया है. खासतौर पर पश्चिम बंगाल से आने वाले यात्रियों की संक्रामक बीमारी के लिए स्क्रीनिंग शुरू की गई है. एयरपोर्ट पर थर्मल स्कैनिंग, स्वास्थ्य घोषणापत्र और संदिग्ध लक्षणों वाले यात्रियों की अलग जांच की जा रही है.
स्वास्थ्य के नजरिए से क्यों जरूरी है सतर्कता?
- फिलहाल निपाह वायरस के लिए कोई खास इलाज या स्वीकृत वैक्सीन उपलब्ध नहीं है.
- शुरुआती लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, उलझन और सांस लेने में दिक्कत शामिल हो सकती है.
- समय पर पहचान न होने पर यह दिमागी सूजन और कोमा तक का कारण बन सकता है.
बचाव के लिए क्या करें?
- बिना धोए फल न खाएं, खासकर जमीन पर गिरे फल.
- बीमार व्यक्ति के संपर्क से बचें.
- हाथों की साफ-सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें.
- बुखार या असामान्य लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
निपाह वायरस का खतरा यह याद दिलाता है कि स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही भारी पड़ सकती है. सतर्क नागरिक, मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और सही समय पर उठाए गए कदम ही ऐसी बीमारियों को फैलने से रोक सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














