Measles Cases In Mongolia: पूर्वोत्तर एशिया का देश मंगोलिया इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है. यहां खसरे (Measles) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और स्थिति चिंता पैदा कर रही है. देश के नेशनल सेंटर फॉर कम्युनिकेबल डिजीज (NCCD) के अनुसार, खसरे के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,123 तक पहुंच चुकी है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से ज्यादा मरीज स्कूल जाने वाले बच्चे हैं, जिन्हें खसरे की वैक्सीन की सिर्फ एक डोज ही लग पाई थी.
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
एनसीसीडी की रिपोर्ट बताती है कि जिन बच्चों को वैक्सीन की दोनों खुराकें नहीं मिलीं, वे इस बीमारी की चपेट में ज्यादा आए. इसी को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को खसरे की वैक्सीन की दोनों डोज जरूर लगवाएं. यह सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा का नहीं, बल्कि पूरे समाज को सुरक्षित रखने का सवाल है.
खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी
खसरा दुनिया की सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है. यह हवा के जरिए फैलता है खांसने, छींकने या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से. वायरस हवा में या संक्रमित सतहों पर दो घंटे तक सक्रिय रह सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, खसरे से संक्रमित एक व्यक्ति औसतन 18 अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है. यही वजह है कि यह बीमारी थोड़ी सी लापरवाही में बड़े प्रकोप का रूप ले लेती है.
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लक्षण जिन्हें न करें नजरअंदाज
खसरे के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के 10-14 दिन बाद दिखाई देते हैं. शुरुआती 4-7 दिनों में तेज बुखार, खांसी, बहती नाक, लाल व पानी भरी आंखें और गालों के अंदर छोटे सफेद धब्बे नजर आते हैं. इसके बाद 7–18 दिन में शरीर पर दाने निकलने लगते हैं, जो पहले चेहरे और गर्दन से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाते हैं. ये दाने आमतौर पर 5–6 दिनों में हल्के पड़ते हैं.
वैक्सीन सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
खसरे से बचाव का सबसे भरोसेमंद तरीका वैक्सीनेशन है. वैक्सीन न सिर्फ बीमारी से बचाती है, बल्कि इसके प्रसार को भी रोकती है. यह सुरक्षित, किफायती और प्रभावी है. इतिहास गवाह है कि 1963 में वैक्सीन आने से पहले हर दो-तीन साल में बड़े पैमाने पर महामारियां फैलती थीं और हर साल करीब 26 लाख लोगों की मौत होती थी.
आज भी क्यों हो रही हैं मौतें?
हैरानी की बात यह है कि एक सुरक्षित वैक्सीन उपलब्ध होने के बावजूद, 2023 में करीब 1,07,500 लोगों की मौत खसरे से हुई, जिनमें ज्यादातर पांच साल से कम उम्र के बच्चे थे. यह आंकड़ा हमें साफ संदेश देता है अधूरा टीकाकरण आज भी जानलेवा साबित हो रहा है.
मंगोलिया की स्थिति पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है. खसरा कोई साधारण बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर दोनों डोज की वैक्सीन लगवाकर इसे रोका जा सकता है. बच्चों की सुरक्षा आज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि एक छोटी सी चूक, हजारों जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














