अंतरिक्ष में भी काम आएगा भारतीय मेडिकल साइंस! AIIMS-ISRO साझेदारी से खुलेगा स्पेस मेडिसिन का नया दौर

दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है, जिसके तहत अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य, शरीर के व्यवहार और अंतरिक्ष में रहने के प्रभावों पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
AIIMS और ISRO की यह साझेदारी भारत के वैज्ञानिक और मेडिकल फील्ड के लिए एक बड़ा कदम है.

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ा है. चंद्रयान, मंगलयान और अब मानव मिशन गगनयान जैसी योजनाओं के साथ भारत अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयों को छू रहा है. लेकिन, अंतरिक्ष में जाने वाले अंतरिक्ष यात्रियों की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि मानव शरीर पर अंतरिक्ष का प्रभाव भी होता है. शून्य गुरुत्वाकर्षण (माइक्रोग्रैविटी), रेडिएशन और लंबे समय तक पृथ्वी से दूर रहने से शरीर में कई बदलाव आते हैं.

इन्हीं चुनौतियों को समझने और समाधान खोजने के लिए एम्स (AIIMS) दिल्ली और इसरो (ISRO) ने मिलकर स्पेस मेडिसिन रिसर्च पर काम करने का फैसला किया है. दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है, जिसके तहत अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य, शरीर के व्यवहार और अंतरिक्ष में रहने के प्रभावों पर वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा. 

AIIMS - ISRO की साझेदारी से स्पेस मेडिसिन को नई उड़ान- 

1. स्पेस मेडिसिन क्या है?

स्पेस मेडिसिन वह मेडिकल साइंस है जो यह अध्ययन करता है कि अंतरिक्ष का वातावरण मानव शरीर को कैसे प्रभावित करता है. अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण लगभग न के बराबर होता है, जिससे शरीर की कई प्रणालियों में बदलाव आते हैं. उदाहरण के लिए:

  • हड्डियां कमजोर होने लगती हैं.
  • मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं.
  • हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम में बदलाव आते हैं.
  • इम्यून सिस्टम प्रभावित हो सकता है.

स्पेस मेडिसिन इन सभी समस्याओं को समझने और उनसे निपटने के तरीके खोजने का विज्ञान है.

2. AIIMS और ISRO की साझेदारी क्यों इंपोर्टेंट है?

एम्स भारत का प्रमुख मेडिकल संस्थान है और इसरो देश की अग्रणी अंतरिक्ष एजेंसी. दोनों के सहयोग से वैज्ञानिक और डॉक्टर मिलकर ऐसे शोध करेंगे जो मानव अंतरिक्ष यात्रा को ज्यादा सुरक्षित बना सकें. इस साझेदारी के तहत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रिसर्च होगी, जैसे:

  • मानव शरीर की कार्यप्रणाली (Human Physiology)
  • हार्ट और ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम
  • मांसपेशियों और बोन हेल्थ
  • माइक्रोबायोम और इम्यून सिस्टम
  • जीन और बायोमार्कर
  • मानसिक और बिहेवियर हेल्थ

इससे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बेहतर इम्यून और हेल्थ केयर सिस्टम तैयार किया जा सकेगा.

3. गगनयान मिशन के लिए कैसे मददगार होगा?

भारत आने वाले सालों में मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान को सफल बनाना चाहता है. इस मिशन में भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जाएंगे.

AIIMS और ISRO का संयुक्त शोध यह समझने में मदद करेगा कि अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर में क्या बदलाव होते हैं, उन्हें किस तरह का भोजन और व्यायाम चाहिए, लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के जोखिम क्या हैं. इससे भविष्य के मिशनों की योजना और सुरक्षा बेहतर हो सकेगी.

Advertisement

4. धरती पर रहने वाले लोगों को क्या फायदा होगा?

स्पेस मेडिसिन का फायदा सिर्फ अंतरिक्ष यात्रियों को ही नहीं मिलता, बल्कि पृथ्वी पर रहने वाले लोगों को भी हो सकता है. उदाहरण के लिए हड्डियों की कमजोरी (ऑस्टियोपोरोसिस) के इलाज में मदद, हार्ट डिजीज को बेहतर समझने में सहायता, मांसपेशियों के क्षय से जुड़ी बीमारियों पर नई जानकारी. इस तरह अंतरिक्ष के लिए किया गया शोध आम चिकित्सा विज्ञान में भी उपयोगी साबित हो सकता है.

5. भारत के लिए भविष्य की उम्मीदें

एक्सपर्ट्स के अनुसार यह साझेदारी भारत को स्पेस मेडिसिन के क्षेत्र में वैश्विक लेवल पर मजबूत पहचान दिला सकती है. आने वाले समय में भारत अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एडवांस मेडिकल सिस्टम विकसित कर सकता है. इंटरनेशनल स्पेस मिशनों में भागीदारी बढ़ा सकता है. स्पेस हेल्थ रिसर्च में अग्रणी देश बन सकता है.

Advertisement

AIIMS दिल्ली और ISRO की यह साझेदारी भारत के वैज्ञानिक और मेडिकल फील्ड के लिए एक बड़ा कदम है. इससे न केवल अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य की बेहतर समझ विकसित होगी, बल्कि धरती पर मेडिकल रिसर्च को भी नई दिशा मिलेगी.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Advertisement
Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Iran Israel War: Khamenei के बेटे बने नए Supreme Leader