आपके घर में भी हैं पेट्स तो हो जाएं सतर्क, इस जानलेवा इंफेक्शन का हो सकते हैं शिकार, 4 हजार Pets पर किया गया शोध

हाल ही में किए गए एक शोध में पाया गया है कि घरों में पलने वाले पेट्स में मल्टीड्रग रेजिस्टेंट ऑर्गेनिज्म के वाहक हो सकते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपने घर में पालतू जानवर रखते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है.

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
इस शोध में चार हजार पालतू जानवरों पर अध्ययन किया गया.

घर में पेट्स पालने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट्स आपको बीमार कर सकते हैं. जी हां, हाल ही में किए गए एक शोध में पाया गया है कि घरों में पलने वाले पेट्स में मल्टीड्रग रेजिस्टेंट ऑर्गेनिज्म के वाहक हो सकते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं. ऐसे में अगर आप अपने घर में पालतू जानवर रखते हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है.

शरीर और चेहरे पर जल्दी नहीं दिखेंगे बुढ़ापे के लक्षण, जवां त्वचा के लिए फॉलो करें ये 8 स्किन केयर टिप्स

आपको बता दें कि दुनिया में मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम को फैलाने में घरों में पलने वाले पालतू जानवर सबसे बड़ा कारण हैं. जब संक्रमण फैलाने वाले जीवाणु और कीटाणु एक दूसरे में एक्सचेंज होते हैं तो उनको मारने और दूर करने के लिए ली जाने वाली दवाएं शरीर में काम नहीं कर पाती. इस स्थिति को एंटी माइक्रोबायल रेसिस्टेंस भी कह सकते हैं.

ये इंफेक्शन एंटी बॉडीज का करता है डैमेज:

यानी आपके पालतू जानवर आपको ऐसे संक्रमण के खतरे में डाले रहे हैं जो शरीर में एंटीबॉडीज को प्रभावित करतै है. एंटीबॉडीज के काम ना करने का साफ मतलब है कि आपका शरीर खुद पर हो रहे जीवाणुओं, बैक्टीरिया और अन्य संक्रमण के अटैक का सामना नहीं कर पाएगा. आपको बता दें कि पूरे विश्व में हर साल मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम की वजह से दस लाख से ज्यादा मौते होती हैं.

Advertisement

महिलाओं के लिए इस वजह से फायदेमंद है मखाना, रोजाना एक कटोरी खाने से मिलेंगे ये 5 जबरदस्त लाभ

बैक्टीरिया एंटीबॉयोटिक दवा भी कारगर नहीं!

जरूरी नहीं कि आपका पालतू कुत्ता या बिल्ली बीमार हो तभी उसके जरिए आपके शरीर में मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम फैलेगा. हेल्दी पालतू जानवर भी मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम ट्रांसमिशन के लिए जिम्मेदार हो सकता है. कहा जा रहा है कि ये बैक्टीरिया एंटीबॉयोटिक दवा खाने के बाद भी आपके शरीर में जीवित रह सकता है.

Advertisement

शोध में और क्या कहा गया?

जर्मनी में चैरिट यूनिवर्सिटी अस्पताल बर्लिन के शोधकर्ताओं के अनुसार, हालांकि ऐसे कम ही मामले सामने आए हैं लेकिन इसके साथ ही ये संभावना प्रबल हो गई है कि पालतू जानवर भी मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम के वाहक बनने लगे हैं.

गर्मियों में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने का रामबाण उपाय, डेली पिएं इन हरी सुगंधित पत्तियों का पानी

इस शोध में चार हजार पालतू जानवरों पर अध्ययन किया गया था. शोध में पाया गया है कि पालतू जानवर मल्टीड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिजिम के वाहक बनते हैं तो वो महीनों तक अपने घर के लोगों के साथ साथ आस पास के वातावरण में भी बैक्टीरिया को फैला सकते हैं.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
13 साल का Coma खत्म: India के पहले Passive Euthanasia मरीज Harish Rana का AIIMS Delhi में निधन