Heart Attack Risk In Winter: सर्दियों में लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनते हैं, चाय-कॉफी का सेवन बढ़ जाता है और सुबह की सैर टलने लगती है. लेकिन, इसी ठंड के मौसम में एक और खामोश खतरा तेजी से बढ़ता है दिल की बीमारियों का खतरा. हाल ही में झांसी जिला कारागार में उप जेलर सुरेंद्र कुमार सिंह की रात में से मौत हो गई. उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटने के बाद वर्दी तैयार कर रहे थे. अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषिक कर दिया गया. एक ऐसी ही दूसरी घटना महाराष्ट्र से सामने आई.
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान एक पीएसआई को अचानक से हार्ट अटैक आ गया और वह नीचे गिर पड़े, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. एक तीसरी घटना उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आई, जिसमें कहा गया कि बिजनौर के ग्राम उमरी के एक 56 साल के व्यक्ति की मौत पेट में गैस बनने के बाद हार्ट अटैक से हो गई.
आंकड़े बताते हैं कि सर्दियों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट के मामले गर्मियों की तुलना में कहीं ज्यादा सामने आते हैं. इसकी वजह सिर्फ ठंड नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले कई बदलाव हैं, जिन पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते. आइए, सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं कि सर्दी आपके दिल को कैसे प्रभावित करती है और आप खुद को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.
सर्दियों में दिल पर क्यों आ जाती है आफत? | Why Does the Heart Face Problems During Winter?
1. कड़ाके की ठंड में दिल सबसे ज्यादा खतरे में क्यों होता है?
ठंड में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए खून की नसों को सिकोड़ देता है. इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. यानी ठंड में आपका दिल ओवरटाइम काम करता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है खासतौर पर बुजुर्गों और पहले से हार्ट मरीजों में. एनडीटीवी से बात करते हुए, पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक के हार्ट डिजीज एक्सपर्ट डॉ. अभिजीत खडतरे ने कहा, "सर्दियों में दिल से जुड़ी इमरजेंसी कंडीशन में बढ़ोत्तरी होती है, अध्ययनों से पता चलता है कि ठंडे महीनों में दिल के दौरे की घटनाएं ज्यादा होती हैं.
डॉ. खडतरे का कहना है कि जोखिम कारकों को समझना बेहद जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से ही हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज से पीड़ित हैं.
2. क्या वाकई सर्दी का सितम दिल में हाहाकार मचा सकता है?
जी हां. अचानक ठंडी हवा, सुबह-सुबह ठंड में नहाना, या बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलना दिल पर झटका डाल सकता है. कई बार यही झटका साइलेंट हार्ट अटैक की वजह बन जाता है, जिसके लक्षण तुरंत समझ नहीं आते.
3. सर्दी और दिल के मरीजों के लिए फ्लू वैक्सीन क्यों जरूरी है?
सर्दियों में फ्लू और वायरल इंफेक्शन आम होते हैं. फ्लू होने पर शरीर में सूजन बढ़ती है, जिससे दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है. स्टडीज़ बताती हैं कि फ्लू वैक्सीन लेने से हार्ट अटैक का जोखिम कम हो सकता है, खासकर दिल के मरीजों में.
4. हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में क्या अंतर है?
हार्ट अटैक तब होता है जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनी में रुकावट आ जाती है. कार्डियक अरेस्ट में दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है. सरल शब्दों में कहें तो हार्ट अटैक प्लंबिंग की समस्या है, जबकि कार्डियक अरेस्ट इलेक्ट्रिकल फेल्योर.
5. क्या सर्दियों में खून गाढ़ा हो जाता है?
हां. ठंड में शरीर से पसीना कम निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है. इससे खून गाढ़ा हो जाता है और थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है. गाढ़ा खून दिल के लिए ज्यादा दबाव पैदा करता है.
6. किस महीने में सबसे ज्यादा हार्ट अटैक देखे जाते हैं?
आंकड़ों के अनुसार दिसंबर और जनवरी में हार्ट अटैक के मामले सबसे ज्यादा होते हैं. ठंड, खान-पान में लापरवाही, एक्सरसाइज की कमी और त्योहारों की वजह से यह जोखिम और बढ़ जाता है.
7. क्या सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा 30% तक बढ़ जाता है?
जी हां. कई इंटरनेशनल रिसर्च में सामने आया है कि सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा गर्मियों के मुकाबले लगभग 30% ज्यादा होता है. इसका कारण है ब्लड प्रेशर का बढ़ना, नसों का सिकुड़ना और फिजिकल एक्टिविटी की कमी.
8. क्या बिना स्टेंट लगाए भी दिल की धमनियों की रुकावट खोली जा सकती है?
हर ब्लॉकेज में स्टेंट जरूरी नहीं होता. शुरुआती या आंशिक रुकावट में सही डाइट, रेगुलर वॉक या हल्की एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं, इनसे धमनियों की हालत बेहतर की जा सकती है. हालांकि, यह पूरी तरह मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए खुद फैसला न लें.
ठंड से डरें नहीं, समझदारी से मुकाबला करें:
सर्दी का मौसम खूबसूरत जरूर है, लेकिन दिल के लिए चुनौतीपूर्ण भी. सही जानकारी, समय पर सावधानी और थोड़े-से अनुशासन से आप इस मौसम में भी अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














