तनाव और बेचैनी को कम करती है ग्रंथित मुद्रा, दिमाग को मिलता है आराम, जानें करने का सही तरीका और फायदे

Granthit Mudra Ke Fayde.आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, घबराहट और चिड़चिड़ापन जैसी समस्या आम हो गई हैं. वहीं गलत दिनचर्या के चलते लोग गले में भारीपन और आवाज बैठने जैसी दिक्कतों का सामना करते हैं. इन्हीं समस्याओं से राहत देने के लिए योग में ग्रंथित मुद्रा की जाती है जो की हाथों से की जाने वाली एक सरल मुद्रा है.

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Granthita Mudra
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Granthit mudra ke fayde.आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, घबराहट और चिड़चिड़ापन जैसी समस्या आम हो गई हैं. वहीं गलत दिनचर्या के चलते लोग गले में भारीपन और आवाज बैठने जैसी दिक्कतों का सामना करते हैं. आयुष मंत्रालय के अनुसार, जब शरीर और दिमाग में संतुलन बिगड़ता है, तो ऐसी परेशानियां शुरू होती हैं. इन्हीं समस्याओं से राहत देने के लिए योग में ग्रंथित मुद्रा (Grantitha Mudra) एक आसान उपाय है.  ग्रंथित मुद्रा हाथों से की जाने वाली एक सरल मुद्रा है. यह मुद्रा खास तौर पर गले, दिमाग और नसों पर गहरा असर डालती है. रोज थोड़ा-सा अभ्यास करने से शरीर को आराम और मन को शांति मिल सकती है. जब हम तनाव महसूस करते हैं, इस मुद्रा को करने से दिमाग को आराम मिलता है.

ग्रन्थित मुद्रा से शरीर को क्या-क्या फायदे होते हैं? (Grantitha Mudra ke fayde)

  1. इस मुद्रा का पहला फायदा गले की सेहत से जुड़ा है. जिन लोगों का बार-बार गला खराब रहता है, आवाज बैठ जाती है, या बोलते समय थकान महसूस होती है, उनके लिए यह मुद्रा मददगार मानी जाती है. इसे करने से गले के आसपास खून का बहाव बेहतर होता है, जिससे जकड़न और भारीपन कम हो सकता है.
  2. ग्रंथित मुद्रा तनाव और घबराहट को कम करने में भी सहायक होती है. जब हम तनाव या किसी बात को लेकर अंदर ही अंदर बोझिल महसूस करते हैं, तो यही बोझ आगे चलकर बेचैनी और डर की वजह बनता है. इस मुद्रा को करते समय गहरी सांस लेने से दिमाग को आराम मिलता है और मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है.
  3. ग्रंथित मुद्रा का एक और फायदा ध्यान और याददाश्त में सुधार है.  पढ़ने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों के लिए यह खास तौर पर उपयोगी है। रोज अभ्यास करने से ध्यान कम भटकता है और किसी भी काम पर मन ज्यादा देर तक लगा रहता है.
  4. ग्रंथित मुद्रा नींद की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद कर सकती है. आज बहुत से लोग रात में देर तक जागते रहते हैं, बार-बार नींद टूटती है, या सपने ज्यादा आते हैं. ग्रंथित मुद्रा से दिमाग शांत रहता है, जिससे नींद गहरी और आरामदायक होती है. इसे सोने से पहले करने से अच्छा असर देखा जाता है.
  5. यह मुद्रा मन को हल्का करने का भी काम करती है. जब मन शांत होता है, तो शरीर अपने आप बेहतर महसूस करता है. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है. व्यक्ति खुलकर बात कर पाता है और खुद को बेहतर महसूस करता है.

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कैसे करें ग्रन्थित मुद्रा ( Kaise Karein Granthita Mudra):

  1. सबसे पहले शांत जगह पर आराम से बैठ जाएं. आप सुखासन, पद्मासन या कुर्सी पर भी बैठ सकते हैं.
  2. अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी रखें और कंधे ढीले छोड़ दें.
  3. दोनों हाथों को अपनी गोद में रखें, और हथेलियाँ ऊपर की ओर रखें.
  4. अब दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी (index finger) को हल्के से आपस में छूएं.
  5. बाकी की तीन उंगलियों मध्यमा, अनामिका और छोटी उंगली को आपस में जोड़कर एक छोटी-सी गाँठ (ग्रन्थि) जैसा आकार बनाएं.
  6. दोनों हाथ इसी मुद्रा में रखें और आँखें बंद कर लें.
  7. नाक से धीरे-धीरे गहरी सांस लें और उतनी ही शांत सांस छोड़ें.
  8. इस मुद्रा को कम से कम 10 से 15 मिनट तक करें.
  9. मुद्रा करते समय मन को शांत रखें और ध्यान को अपनी सांसों पर केंद्रित करें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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