AI की सलाह से दवा लेना पड़ा भारी, हो गया इस गंभीर बीमारी का शिकार

एक शख्स ने बिना किसी डॉक्टर से मिले, बिना जांच कराए और बिना फॉलो-अप के काउंटर से HIV पोस्ट-एक्सपोजर दवाओं का पूरा कोर्स शुरू कर दिया.

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AI की सलाह पड़ी भारी! HIV दवाएं लेने से शख्स की हालत गंभीर.

हाल ही में दिल्ली के एक 45 वर्षीय व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. वजह थी AI चैटबॉट से मिली सलाह के आधार पर HIV रोकथाम की दवाएं खुद से लेना. बिना किसी डॉक्टर से मिले, बिना जांच कराए और बिना फॉलो-अप के उस व्यक्ति ने काउंटर से HIV पोस्ट-एक्सपोजर दवाओं का पूरा कोर्स शुरू कर दिया. राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में उसका इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, उस आदमी को बिना किसी क्लिनिकल चेकअप या फॉलो-अप के HIV पोस्ट-एक्सपोजर दवाओं का कोर्स लेने के बाद स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम हो गया, जो एक गंभीर और जानलेवा ड्रग रिएक्शन है.

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम क्या है?

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम (एसजेएस) एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्किन और म्यूकस मेम्ब्रेन है, जो आमतौर पर दवाओं के रिएक्शन के कारण होता है. यह एक प्रकार की एलर्जी प्रतिक्रिया है जो स्किन और म्यूकस मेम्ब्रेन को प्रभावित करती है, जिससे दर्दनाक छाले, लालिमा और छीलन होती है.

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम के लक्षणों में शामिल हैं:

  • त्वचा पर लालिमा और छाले
  • त्वचा का छीलना
  • मुंह, नाक, आंखों और जननांगों में छाले
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • थकान

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम के कारणों में शामिल हैं:

  • दवाएं, जैसे कि एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स और एंटीकॉन्वल्सेंट
  • संक्रमण, जैसे कि हर्प्स सिम्प्लेक्स वायरस
  • अन्य मेडिकल कंडीशन्स, जैसे कि कैंसर

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम का इलाज आमतौर पर अस्पताल में किया जाता है, जहां रोगी को खास देखभाल और ट्रीटमेंट मिलता है. इलाज में दवाएं बंद करना जो एसजेएस का कारण बन रही हैं, दर्द निवारक और एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाएं, त्वचा की देखभाल और ड्रेसिंग, आंखों की देखभाल, पोषण और हाइड्रेशन.

दिल्ली का मामला क्यों है इतना चिंताजनक?

हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि यह सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं, बल्कि एक परेशान करने वाले ट्रेंड का संकेत है. लोग अब Google या AI चैटबॉट को डॉक्टर का विकल्प समझने लगे हैं. हालांकि AI टूल्स सामान्य स्वास्थ्य जानकारी देने में मददगार हो सकते हैं, लेकिन वे क्लिनिकल जांच, टेस्ट रिपोर्ट और मरीज की मेडिकल हिस्ट्री को नहीं समझ सकते.

खासकर HIV जैसी सेंसिटिव कंडीशन में इस्तेमाल होने वाली एंटीरेट्रोवायरल दवाएं बिना प्रिस्क्रिप्शन लेना बेहद खतरनाक हो सकता है.

PrEP क्या है और इसका असली मेडिकल उपयोग:

HIV से जुड़ी दवाओं में एक वैध और प्रभावी विकल्प है प्री-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PrEP). ये उन लोगों के लिए होता है जो HIV-नेगेटिव हैं, लेकिन जिनमें HIV के संपर्क में आने का खतरा ज्यादा होता है. यह इलाज नहीं, बल्कि रोकथाम का तरीका है.

जब PrEP सही तरीके से और नियमित रूप से लिया जाए, तो सेक्सुअल कॉन्टैक्ट से HIV का खतरा लगभग 99% तक कम हो सकता है. इंजेक्शन ड्रग यूज़ से HIV का जोखिम कम से कम 74% तक घट सकता है. इसी वजह से कई देशों में PrEP को HIV रोकथाम की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है.

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किन लोगों को PrEP की जरूरत पड़ सकती है?

PrEP उन लोगों के लिए रिकमेंड किया जाता है जिनका पार्टनर HIV पॉजिटिव हो और वायरल लोड कंट्रोल में न हो, जो नियमित रूप से कंडोम का इस्तेमाल नहीं करते, जिन्हें हाल ही में कोई STI हुआ हो, जो नशीली दवाओं के लिए सुई शेयर करते हों. लेकिन, PrEP शुरू करने से पहले HIV टेस्ट अनिवार्य होता है, और इसके बाद भी नियमित जांच और डॉक्टर की निगरानी जरूरी होती है.

PrEP कैसे काम करता है और रेगुलेरिटी क्यों जरूरी है?

PrEP में आमतौर पर एमट्रिसिटाबाइन और टेनोफोविर जैसी दवाओं का कॉम्बिनेशन होता है. ये दवाएं HIV को शरीर में फैलने से रोकती हैं, लेकिन तभी जब इन्हें सही डोज में, रोजाना और लगातार डॉक्टर की सलाह के अनुसार लिया जाए. इरेगुलेरिटी या गलत इस्तेमाल से दवा बेअसर हो सकती है, दवा के प्रति रेजिस्टेंस पैदा हो सकता है, गंभीर साइड इफेक्ट का खतरा बढ़ जाता है.

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यह भी जरूरी है समझना कि PrEP दूसरी STIs या अनचाही प्रेग्नेंसी से सुरक्षा नहीं देता, इसलिए कंडोम अब भी जरूरी है.

गलती कहां हुई? AI की सलाह और खुद से दवा

दिल्ली के मामले में व्यक्ति ने AI चैटबॉट की सलाह पर HIV पोस्ट-एक्सपोज़र प्रोफिलैक्सिस (PEP) का पूरा कोर्स खुद से शुरू कर दिया.
PEP, PrEP से अलग होता है और इसे संभावित एक्सपोजर के तुरंत बाद, सीमित समय के लिए और डॉक्टर की सख्त निगरानी में दिया जाता है.

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बिना मेडिकल जांच के ऐसी दवाएं लेने से:

स्टीवंस-जॉनसन सिंड्रोम जैसे गंभीर रिएक्शन, अंगों को नुकसान, झूठा सुरक्षा भाव और भविष्य में इलाज की मुश्किलें हो सकती हैं.

AI मेडिकल सलाह: मददगार, लेकिन सीमित. AI टूल्स सामान्य जानकारी दे सकते हैं, जागरूकता बढ़ा सकते हैं. लेकिन वे, फिजिकल जांच नहीं कर सकते, टेस्ट रिपोर्ट नहीं समझ सकते, मरीज के रिस्क प्रोफाइल का सही आकलन नहीं कर सकते. दवा से जुड़े फैसले केवल प्रशिक्षित डॉक्टर ही ले सकते हैं.

PrEP और अन्य HIV दवाएं, जब योग्य डॉक्टरों द्वारा प्रिस्क्राइब और मॉनिटर की जाती हैं, तो बेहद सुरक्षित और प्रभावी होती हैं. लेकिन, AI चैटबॉट की सलाह पर खुद से दवा लेना गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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