कोरोना सिर्फ फेफड़ों पर नहीं, दिल पर भी डाल रहा लंबे समय तक असर, नई स्टडी में बड़ा खुलासा

COVID-19 And The Heart: कई देशों के लोगों पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि संक्रमण के 6 महीने बाद भी आर्टरीज की सख्ती (stiffness) बढ़ी हुई थी, जो दिल की बीमारियों का संकेत मानी जाती है. यह असर महिलाओं और लॉन्ग कोविड के मरीजों में ज्यादा दिखाई दिया.

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COVID-19 And The Heart: कोविड के बाद दिल की सेहत पर खतरा.

कोविड-19 को अब तक एक सांस से जुड़ी बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन इसका असर दिल और ब्लड वेसल्स पर लंबे समय तक बना रह सकता है. World Heart Federation की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई लोगों में हार्ट से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जिससे भविष्य में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड से ठीक हुए लोगों की ब्लड वेसल्स में उन लोगों की तुलना में ज्यादा सख्ती (stiffness) पाई गई, जिन्हें कोविड नहीं हुआ था. कई देशों के लोगों पर की गई एक स्टडी में पाया गया कि संक्रमण के 6 महीने बाद भी आर्टरीज की सख्ती (stiffness) बढ़ी हुई थी, जो दिल की बीमारियों का संकेत मानी जाती है. यह असर महिलाओं और लॉन्ग कोविड के मरीजों में ज्यादा दिखाई दिया.

हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है-

स्टडी में यह भी सामने आया कि कोविड संक्रमण के बाद आर्टरीज में जमा प्लाक (Plaque) तेजी से बढ़ सकता है. यही प्लाक हार्ट अटैक का कारण बनता है. ऐसे मरीजों में हार्ट अटैक या अन्य गंभीर कार्डियोवैस्कुलर इवेंट्स का खतरा करीब तीन गुना तक बढ़ सकता है. करीब 30 लाख लोगों पर आधारित एक बड़े एनालिसिस में पाया गया कि पोस्ट-कोविड यानी लॉन्ग कोविड के मरीजों में दिल से जुड़ी शिकायतें काफी आम हैं. इनमें करीब 22% लोगों ने सीने में दर्द की शिकायत बताई, जबकि 18% लोगों में दिल की धड़कन तेज होने की समस्या और 19% लोगों में हाई ब्लड प्रेशर देखा गया. इतना ही नहीं, कोविड से ठीक हो चुके लोगों में सीने में दर्द की शिकायत चार गुना और धड़कन बढ़ने की समस्या तीन गुना ज्यादा पाई गई.

Photo Credit: Pexels

हर 7 में से 1 मरीज पर लंबा असर-

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 15% मरीजों में दिल से जुड़ी समस्याएं लंबे समय तक बनी रहती हैं. इसका मतलब है कि हर 7 में से 1 व्यक्ति कोविड के बाद भी हार्ट से जुड़ी दिक्कतों का सामना कर सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड सिर्फ एक रेस्पिरेटरी बीमारी नहीं है, बल्कि यह दिल के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है. कई मरीजों में थकान, सांस की दिक्कत, मेटाबोलिक बदलाव और मेंटल हेल्थ इश्यू के साथ-साथ हार्ट से जुड़े असर भी लंबे समय तक बने रहते हैं. ऐसे में कोविड से ठीक हो चुके लोगों के लिए नियमित हेल्थ चेकअप और हार्ट की निगरानी बेहद जरूरी मानी जा रही है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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