कहीं आपके बच्चे का IQ कमजोर तो नहीं, कैसे पता लगाएं, क्या IQ टेस्ट कराना ठीक है? जानिए यहां

आइए समझते हैं कि आप घर पर कैसे पहचान सकते हैं कि आपका बच्चा दिमागी रूप से कितना एक्टिव है और क्या वाकई उसे IQ टेस्ट की जरूरत है.

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IQ test for kids : किसी साधारण सी समस्या का हल न निकाल पाना या खतरे (जैसे आग या ऊंचाई) को न समझ पाना.

How to check Child IQ level: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़ाई-लिखाई और खेलकूद में सबसे आगे रहे. अक्सर जब बच्चा क्लास में थोड़े कम नंबर लाता है या किसी बात को समझने में समय लेता है, तो पेरेंट्स के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है "कहीं मेरे बच्चे का IQ कम तो नहीं?" ऐसे में आइए समझते हैं कि आप घर पर कैसे पहचान सकते हैं कि आपका बच्चा दिमागी रूप से कितना एक्टिव है और क्या वाकई उसे IQ टेस्ट की जरूरत है.

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इन संकेतों पर दें ध्यान - Signs of Low IQ

अगर आपको लगता है कि बच्चा दूसरे बच्चों के मुकाबले थोड़ा धीमा है, तो इन 4 बातों पर गौर करें

देर से बोलना शुरू करना

अगर बच्चा अपनी उम्र के हिसाब से शब्दों को सही से नहीं बोल पा रहा या उसे अपनी बात समझाने में बहुत मुश्किल होती है.

रोजमर्रा काम में परेशानी

जैसे कि जूते के फीते बांधना, बटन लगाना या ब्रश करने जैसे छोटे कामों को सीखने में उसे बहुत ज्यादा समय लगना.

चीजे याद रखने में परेशानी

अगर बच्चा छोटी-छोटी बातें, जैसे- "बेटा किचन से पानी ले आओ" तुरंत भूल जाता है.

लॉजिक न दे पाना

किसी साधारण सी समस्या का हल न निकाल पाना या खतरे,जैसे-आग या ऊंचाई को न समझ पाना.

क्या IQ टेस्ट कराना सही है?

बहुत से पेरेंट्स को लगता है कि टेस्ट कराने से बच्चे पर कमजोर होने का ठप्पा लग जाएगा. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि IQ टेस्ट डराने के लिए नहीं, बल्कि बच्चे की मदद करने के लिए होता है. 

सही उम्र IQ टेस्ट कराने की

आमतौर पर 6 साल की उम्र के बाद ही IQ टेस्ट के नतीजे सटीक माने जाते हैं.

IQ टेस्ट कराने का फायदा

अगर टेस्ट में पता चलता है कि बच्चा किसी खास क्षेत्र में कमजोर है, तो उसे स्पेशल थेरेपी या अलग तरह की टीचिंग तकनीक से सुधारा जा सकता है.

इन बातों का दें ध्यान

खुद से इंटरनेट पर मौजूद Free IQ Test न करें. हमेशा किसी प्रोफेशनल चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से ही टेस्ट कराएं.

सपोर्ट करें

IQ सिर्फ एक नंबर है. कई बार बच्चे तनाव, नींद की कमी या किसी और परेशानी की वजह से भी धीमा परफॉर्म करते हैं. अपने बच्चे की तुलना दूसरों से न करें. उसे प्यार दें, अच्छी डाइट दें और नई चीजें सीखने के लिए मोटिवेट करें.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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