Union Budget 2026: देश का बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं होता, बल्कि यह तय करता है कि आम आदमी की जिंदगी आने वाले सालों में कितनी सुरक्षित, हेल्थ और सशक्त होगी. बजट 2026 में हेल्थ सेक्टर को लेकर सरकार ने यही संदेश दिया है कि अब स्वास्थ्य को खर्च नहीं, बल्कि निवेश माना जा रहा है. महंगे इलाज, बढ़ती दवाओं की कीमत, अस्पतालों की कमी और मेडिकल रिसर्च की जरूरत, इन सभी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस बार हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसले किए गए हैं.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए साफ किया कि सरकार का फोकस सस्ती दवा, आसान इलाज और मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर पर है. यही वजह है कि इस साल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के बजट में न सिर्फ बढ़ोतरी की गई है, बल्कि अलग-अलग योजनाओं को भी नई रफ्तार दी गई है.
1. हेल्थ और परिवार कल्याण मंत्रालय को रिकॉर्ड बजट
बजट 2026 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लिए 1,05,530.42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यह राशि 2025–26 के संशोधित अनुमान से 8.96% ज्यादा है. इससे साफ है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के मूड में है.
2. 12 साल में 176% से ज्यादा की बढ़ोतरी
अगर पिछले 12 सालों पर नजर डालें, तो हेल्थ बजट में कुल मिलाकर 176% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. यह दिखाता है कि स्वास्थ्य क्षेत्र को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है, न कि सिर्फ किसी एक साल के लिए.
3. आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन को बड़ा बूस्ट
पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन का बजट 67.66% बढ़ाकर ₹4,770 करोड़ कर दिया गया है. इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में हेल्थ सेंटर, लैब और डायग्नोस्टिक सुविधाएं बेहतर होंगी.
4. प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत नए अस्पताल
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के लिए 11,307 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल से 407 करोड़ रुपये (3.73%) ज्यादा है. इससे नए AIIMS के निर्माण, मौजूदा संस्थानों के अपग्रेडेशन, मेडिकल कॉलेजों की सुविधाएं सुधारने में मदद मिलेगी.
5. NACO को मजबूत फंडिंग
NACO (नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) का बजट बढ़ाकर 3,477 रुपये करोड़ कर दिया गया है, जो 30.64% की बढ़ोतरी है. इससे ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाएं, HIV/AIDS की रोकथाम, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और ज्यादा मजबूत होगी.
6. मेडिकल रिसर्च को नई ताकत
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग का बजट 4,821 करोड़ रुपये से ज्यादा कर दिया गया है, जो करीब 24% की बढ़ोतरी है. इससे नई दवाओं पर रिसर्च, वैक्सीन और आधुनिक इलाज, वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
7. बायो फार्मा शक्ति मिशन
दवा और बायोटेक क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की बायो फार्मा शक्ति राष्ट्रीय पहल शुरू की गई है. इसका उद्देश्य बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर, एडवांस दवा अनुसंधान को बढ़ावा देना है, जिससे भारत ग्लोबल फार्मा हब बन सके.
8. ड्रग रेगुलेशन व्यवस्था होगी मजबूत
दवाओं की क्वालिटी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) की वैज्ञानिक क्षमता बढ़ाई जाएगी. इससे नकली और घटिया दवाओं पर लगाम लगेगी.
9. युवाओं के लिए एलाइड हेल्थ और मेडिकल हब
युवाओं के कौशल विकास के लिए एलाइड हेल्थ संस्थान, क्षेत्रीय मेडिकल हब, स्थापित किए जाएंगे. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और हेल्थ सेक्टर को प्रशिक्षित प्रोफेशनल मिलेंगे.
10. हर जिले में ट्रॉमा सेंटर और सस्ती दवाएं
सभी के लिए 24×7 आपातकालीन सुविधा के लक्ष्य के तहत हर जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे. साथ ही, कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है, ताकि इलाज सस्ता हो और मरीजों पर आर्थिक बोझ घटे.
बजट 2026 का हेल्थ पैकेज साफ संकेत देता है कि सरकार अब इलाज को लक्ज़री नहीं, बल्कि बुनियादी हक मान रही है. सस्ती दवाएं, बेहतर अस्पताल, मजबूत रिसर्च और आपातकालीन सुविधाएं ये सभी कदम मिलकर भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को ज्यादा भरोसेमंद और समावेशी बनाएंगे.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














