ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण कैसे पहचाने, डॉक्टर से जानें कौन से टेस्ट हैं जरूरी

World Cancer Day 2026: डॉ. बताते हैं कि ओवेरियन कैंसर को पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और सतर्कता से जोखिम कम किया जा सकता है.

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World Cancer Day 2026: ओवेरियन कैंसर के जोखिम.

ओवेरियन कैंसर यानी अंडाशय का कैंसर महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है. अक्सर इसके शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखते, जिससे समय पर पहचान मुश्किल हो जाती है. डॉ. पुनीत गुप्ता, चेयरमैन – ऑन्कोलॉजी सर्विसेज, एशियन हॉस्पिटल , का कहना कि ओवेरियन कैंसर को पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और सतर्कता से जोखिम कम किया जा सकता है. महिलाओं को अपने परिवार के स्वास्थ्य इतिहास और व्यक्तिगत जोखिम कारकों को समझना बेहद जरूरी है. 

पारिवारिक इतिहास और BRCA जीन- (Family history and the BRCA gene)

डॉ. बताते हैं, यदि परिवार में किसी महिला को ओवेरियन या स्तन कैंसर हुआ है, तो BRCA जीन की जांच पर विचार करना चाहिए. यह आनुवंशिक कारक कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. ऐसे मामलों में समय-समय पर विशेषज्ञ की सलाह और स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है.

उम्र और हार्मोनल कारक- (Age and hormonal factors)

डॉ. गुप्ता कहते हैं, ओवेरियन के कैंसर का जोखिम उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है, खासकर 50 साल से ऊपर की महिलाओं में, हार्मोनल बदलाव, पीरियड्स की शुरुआत और रजोनिवृत्ति जैसी अवस्थाएं भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए महिलाओं को अपने मासिक धर्म चक्र और हार्मोन संबंधी स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए. 

मोटापा और गलत लाइफस्टाइल से बढ़ सकता है जोखिम- (Obesity and wrong lifestyle can increase the risk)

डॉ. के अनुसार, मोटापा, अनहेल्दी खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और अत्यधिक शराब या तंबाकू का सेवन ओवेरियन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकता है. लाइफस्टाइल सुधार, बैलेंस डाइट नियमित व्यायाम इस जोखिम को कम करने में मदद करते हैं. 

नजरअंदाज किए जाने वाले लक्षण- (Symptoms to be ignored)

डॉ. बताते हैं, ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के और सामान्य होते हैं जैसे पेट फूलना, भूख कम लगना, बार-बार मूत्रत्याग या पेट में हल्का दर्द. इन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है. इसलिए यदि कोई महिला इन लक्षणों को लगातार महसूस करती है, तो उसे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.”

डॉक्टर से कब लें मदद- (When to seek help from a doctor)

डॉ. गुप्ता कहते हैं, यदि आपको लगातार पेट में दर्द, सूजन, भूख कम लगना या अन्य असामान्य बदलाव महसूस हों, तो देरी न करें.  समय पर जांच, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट, ब्रैका 1,2 जीन टैस्ट जैसे, उपाय शुरुआती पहचान में मदद करते हैं. सही समय पर इलाज से सफलता की संभावना बहुत बढ़ जाती है. डॉ. आगे कहते हैं, सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय जागरूकता है. अपने परिवार में हो रही बीमारियों को जानना, लाइफस्टाइल सुधारना, नियमित जांच और 14-21 दिनों के असामान्य लक्षण पर ध्यान देना, ये सभी कदम महिलाओं को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं. कुल मिलाकर, ओवेरियन कैंसर के जोखिम को पूरी तरह कम नहीं किया जा सकता, लेकिन जागरूकता, समय पर जांच और सही लाइफस्टाइल अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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