Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और अप्रैल के महीने में लोगों को दिसंबर जैसी ठंड का अहसास होने लगा है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश की ऊंची चोटियों पर जहां बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है. वहीं निचले इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों दारचा शिंकुला में बर्फबारी दर्ज की गई. वहीं अटल टनल के नार्थ पोर्टल में बर्फबारी का दौर कल शाम शुरू हो गया था और देर शाम यह सिलसिला मनाली की अटल टनल के साउथ पोर्टल में पहुंच गया.
किसानों के लिए मुसीबत
इस बर्फबारी के चलते सबसे बड़ी चिंता किसानों और बागवानों के लिए खड़ी हो गई है, जिनकी फसलों पर इस बेमौसमी बारिश की भारी मार पड़ी है. हिमाचल प्रदेश के मौसम विज्ञान केंद्र वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि शुक्रवार देर शाम से राज्य में एक पश्चिम विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय हो जाएगा. मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से 4 अप्रैल की रात तक राज्य के कई इलाकों में बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है.
5-7 अप्रैल तक का मौसम अलर्ट
चंबा कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों मे एक-दो जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका है. इसके अलावा 5 अप्रैल से 7 तक शाम के समय मैदानी इलाकों जैसे ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में तथा मध्य पहाड़ी जिलों (कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और शिमला) में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. ये गतिविधियां 7 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है.
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8 अप्रैल को फिर बरसेंगे बादल
मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा, "8 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ आने की उम्मीद है. इसमें 8 अप्रैल को कई क्षेत्रों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश हो सकती है. कुल मिलाकर मौसम की गतिविधि शुक्रवार शाम से शुरू होकर 4 अप्रैल की देर रात तक रहेगी और फिर 8 अप्रैल की रात से दोबारा सक्रिय हो सकती है. बारिश की बात करें तो मैदानी इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है. ऊंचाई वाले इलाकों में हो सकता है कि हल्की बर्फबारी भी हो सकती है. इस दौरान कुछ जिलों में तेज हवाएं चलने और ओले गिरने का खतरा भी बना रहेगा. (अनूप चांद के इनपुट के साथ)














