मंत्री-विधायकों के बाद अब IAS-IPS अफसरों की बारी, हिमाचल में मुख्य सचिव से लेकर SP तक, सबके सैलरी पर चली कैंची

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 मार्च को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से को रोके जाने की घोषणा की थी. साथ ही राज्य में पहली बार बजट के आकार में कटौती की गई.

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मंत्री-विधायकों के बाद अब IAS-IPS अफसरों की बारी

Himachal Pradesh IAS-IPS Salary Cuts: गहराते वित्तीय संकट के बीच हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने रविवार को बड़ा फैसला लिया है. डगमगाती आर्थिक स्थिति को संभालने और वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए सरकार ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों के वेतन का एक बड़ा हिस्सा अगले छह महीनों के लिए रोकने का निर्णय लिया है. रविवार को वित्त विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. इससे पहले सरकार ने मंत्रियों और विधायकों की सैलरी में कटौती का फैसला लिया था. सीएम सुक्खू ने खुद अपनी आधी सैलरी में कटौती की घोषणा की थी.  

अधिकारियों और कर्मचारियों के सैलरी में कटौती की अधिसूचना मई 2026 से प्रभावी होगी और सरकार का यह कदम अस्थाई होगा. वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, यह कदम अस्थायी है और वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन के लिए सामूहिक प्रयास के रूप में अपनाया जा रहा है. इसे कटौती के रूप में नहीं माना जाएगा और राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति के आधार पर इसे बाद में जारी किया जाएगा.

किन अधिकारियों की सैलरी में कितनी कटौती

  • मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक और अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के वेतन में 30 फीसदी की कटौती हुई है.
  • सचिवों, विभाग प्रमुखों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस उप महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, एसपी स्तर तक के पुलिस अधिकारियों, मुख्य वन संरक्षकों, वन संरक्षकों और जिला वन अधिकारी स्तर तक के अन्य वन अधिकारियों के वेतन का 20 प्रतिशत हिस्सा रोका गया है. 

मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक की सैलरी में कटौती

  • मुख्यमंत्री के वेतन में 50 प्रतिशत की कटौती.
  • उपमुख्यमंत्री सहित मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती होगी.
  • विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की कटौती.

बता दें कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 21 मार्च को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के वेतन के एक हिस्से को रोके जाने की घोषणा की थी. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. उन्होंने कहा कि राज्य को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करने से सालाना 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा.

राज्य में यह पहली बार है जब बजट के आकार में कटौती की गई है. चालू वित्त वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये के मुकाबले इसे घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 3,586 करोड़ रुपये की कमी है. राज्य ने दूध खरीद मूल्य में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके तहत अब गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा.

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