गुजरात के सूरत शहर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां उमरा इलाके में चल रहे हनी ट्रैप रैकेट (Honey Trap Racket) का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये वसूलने वाले इस संगठित गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस की समय पर कार्रवाई से एक बड़ा अपराध होने से टल गया.
सूरत के उमरा क्षेत्र के पाल इलाके में स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर के पीछे बने एक अपार्टमेंट में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं. पुराने निर्माण वाले इस अपार्टमेंट में कई फ्लैट बंद रहते थे, जिसका फायदा उठाकर यहां बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी. स्थानीय लोगों की शिकायत और गुप्त सूचना के आधार पर उमरा पुलिस की सर्विलांस टीम लगातार इस जगह पर नजर बनाए हुए थी और सही मौके का इंतजार कर रही थी.
जब छापा मारा तो गिरोह...
28 मार्च 2026 की शाम पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली, जिसके बाद टीम ने अपार्टमेंट के दूसरे माले पर स्थित फ्लैट नंबर 203 में छापा मारा. जब पुलिस मौके पर पहुंची, उस समय यह गिरोह एक शिकायतकर्ता को अपने जाल में फंसा चुका था और उसे आपत्तिजनक स्थिति में फंसाकर बदनाम करने की धमकी दे रहा था. इसी दबाव के तहत उससे करीब 5 लाख रुपये की मांग की जा रही थी.
ऐसे काम करता था गिरोह
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित और शातिर तरीके से काम करता था. आरोपी पहले सोशल मीडिया और मोबाइल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें दोस्ती या लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे. इसके बाद उन्हें एकांत स्थान पर बुलाया जाता था, जहां उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में फंसा दिया जाता था. इतना ही नहीं, इस गिरोह में शामिल कुछ आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराते-धमकाते थे और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे जबरन वसूली करते थे.
रमेश पाल ग्राहक उपलब्ध कराता
इस पूरे नेटवर्क में फरार आरोपी रमेश पाल की भूमिका भी अहम बताई जा रही है. पुलिस के अनुसार, रमेश पाल इस गिरोह को “ग्राहक” उपलब्ध कराता था. वह अपने संपर्कों और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस गैंग तक पहुंचाता था, जिसके बाद गिरोह उन्हीं लोगों को अपना शिकार बनाकर ब्लैकमेल करता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था.
समय पुलिस का एक्शन, बचा शिकायतकर्ता
पुलिस की समय पर कार्रवाई के कारण शिकायतकर्ता को इस जाल से बचा लिया गया और एक बड़ी ठगी को अंजाम देने से पहले ही गिरोह को पकड़ लिया गया. पुलिस ने मौके से तीन युवक और दो महिलाओं को हिरासत में लिया और पूरे मामले का खुलासा किया.
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में आकाश वाघेला, पियुष गोस्वामी, खेताराम परमार, राजवी देवगणिया और प्रांजल उर्फ प्रिंसी शामिल हैं, जबकि रमेश पाल फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है. पुलिस ने इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
उमरा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करते समय विशेष सावधानी बरतें. किसी भी लालच या संदिग्ध प्रस्ताव से दूर रहें और यदि इस तरह की कोई गतिविधि सामने आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें. आरोपी हिरासत के फोटो और वीडियो है














